सुमेरपुर रेलवे निर्माण साइट पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने लगाया स्वास्थ्य शिविर, सभी की एचआईवी स्क्रीनिंग और छाती के एक्स-रे किए,
रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, रुद्रप्रयाग की ओर से सुमेरपुर रेलवे निर्माण साइट पर क्षय रोग (टीबी) एवं एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता को लेकर सघन आईईसी अभियान एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में निर्माण साइट पर कार्यरत 52 श्रमिकों, कर्मचारियों एवं अधिकारियों की एचआईवी स्क्रीनिंग और टीबी की जांच की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारुल गोयल के निर्देशन में आयोजित शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी 52 लोगों की एचआईवी रैपिड टेस्टिंग के साथ ही काउंसलिंग की। इसके अलावा टीबी की स्क्रीनिंग के लिए सभी लोगों के छाती के एक्स-रे भी किए गए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जांच के दौरान किसी में भी एचआईवी संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई।
शिविर में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. कुणाल चौधरी ने श्रमिकों एवं अन्य उपस्थित लोगों को टीबी और एचआईवी/एड्स से बचाव, रोकथाम, जांच और उपचार के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार पूरा उपचार लेने से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है। लगातार खांसी, बुखार, कमजोरी, वजन कम होना, भूख में कमी या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि टीबी से बचाव के लिए खांसते या छींकते समय मुंह-नाक को ढकना, स्वच्छता का ध्यान रखना और संदिग्ध लक्षण होने पर समय पर जांच कराना बेहद जरूरी है। टीबी मरीजों को चिकित्सक की सलाह के अनुसार नियमित रूप से पूरा उपचार लेने तथा बीच में दवा बंद नहीं करने की अपील की गई।
एचआईवी/एड्स के संबंध में डॉ. चौधरी ने कहा कि जागरूकता, सही जानकारी और समय पर जांच संक्रमण की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जोखिम की स्थिति में लोगों को बिना झिझक निर्धारित स्वास्थ्य संस्थानों में गोपनीय काउंसलिंग एवं जांच की सुविधा का लाभ लेना चाहिए। उन्होंने सुरक्षित व्यवहार अपनाने, संक्रमित रक्त से बचने, जांचे गए रक्त का ही उपयोग करने तथा सुई एवं अन्य नुकीले उपकरणों के सुरक्षित उपयोग पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि एचआईवी संक्रमित लोगों के प्रति भेदभाव और सामाजिक कलंक से बचना चाहिए। वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सही जानकारी के साथ समय पर जांच, परामर्श एवं उपचार से एचआईवी के साथ भी बेहतर और स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।
शिविर में श्रमिकों को बताया गया कि टीबी और एचआईवी दोनों के मामले में समय पर जांच, सही परामर्श और उपचार सेवाओं तक पहुंच बेहद महत्वपूर्ण है। जागरूकता और शुरुआती जांच के माध्यम से रोग की समय पर पहचान कर संक्रमण की रोकथाम और बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित किए जा सकते हैं।
इस अवसर पर आईसीटीसी लैब टेक्नीशियन अरुण चमोला, डीपीएस सुनील राणा, आईसीटीसी काउंसलर प्रियंका चौधरी, नर्सिंग अधिकारी आरती जोशी, एक्स-रे टेक्नीशियन रजत थपलियाल सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

