पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को संवेदनशील माहौल देने के निर्देश, पुस्तकालय में 2500 पुस्तकें जुटीं,
रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने मंगलवार को वन स्टॉप सेंटर, विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण और संगम पुस्तकालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संस्थानों में संचालित गतिविधियों और उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केंद्र में कार्यरत कर्मचारियों से प्राप्त मामलों तथा महिलाओं एवं बालिकाओं को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अभिलेखों, परामर्श व्यवस्था, विधिक सहायता, पुलिस सहायता, चिकित्सा सुविधा और आश्रय व्यवस्था की भी समीक्षा की। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि केंद्र पर आने वाली पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को संवेदनशील, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। साथ ही शासन द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक सेवाएं उन्हें एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों की देखभाल, सुरक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और संरक्षण से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए उनके लिए सुरक्षित, स्वच्छ और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी संगम पुस्तकालय पहुंचे और अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, पुस्तकालय में उपलब्ध सुविधाओं तथा अध्ययन से जुड़ी आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने कहा कि पुस्तकालय विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन और बेहतर भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने बताया कि ‘एक पुस्तकालय दान करें, ज्ञान का वृक्ष लगाएं’ अभियान के तहत जनपद में 1000 पुस्तकों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष अब तक 2500 पुस्तकें प्राप्त हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अभियान के तहत 150 पुस्तकों का योगदान किया है। जिलाधिकारी ने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़कर पुस्तकालयों को और समृद्ध किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध हो सकें।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा, ग्रामीण निर्माण विभाग की अधिशासी अभियंता मीनल गुलाटी, सेवायोजन अधिकारी सुशील चामोली और वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक रंजना गैरोला सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

