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केदारनाथ यात्रा मार्ग पर स्वच्छता की बड़ी मुहिम, 304.75 टन ठोस अपशिष्ट रैंतोली पहुंचा, 12 टन सूखा कूड़ा केदारनाथ से गौरीकुंड पहुंचा, 5.5 टन प्लास्टिक रिसाइक्लिंग के लिए भेजा,

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5117 श्रद्धालु बने ‘कैरी मी बैक पॉलिसी’ के भागीदार, 412 पर्यावरण मित्र संभाल रहे सफाई व्यवस्था,

 

रोहित डिमरी 

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में बढ़ते श्रद्धालु दबाव के बीच पैदल यात्रा मार्ग और धाम को स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त रखने के लिए जिला प्रशासन और सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन की ओर से व्यापक स्वच्छता अभियान संचालित किया जा रहा है। सीतापुर से केदारनाथ तक कूड़ा संग्रहण, परिवहन और ठोस अपशिष्ट के निस्तारण के साथ ही शौचालयों की सफाई तथा घोड़े-खच्चरों की लीद के प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

 

यात्रा अवधि के प्रथम 165 दिनों में पैदल यात्रा मार्ग से एकत्रित 304.75 टन ठोस अपशिष्ट रैंतोली ट्रेंचिंग ग्राउंड भेजा जा चुका है। वहीं सोनप्रयाग में कम्पैक्टर मशीन के माध्यम से कूड़े का संपीड़न और प्रबंधन किया जा रहा है। संस्था के अनुसार अब तक 5.5 टन कॉम्प्रेस्ड प्लास्टिक अपशिष्ट रिसाइक्लिंग के लिए भेजा जा चुका है।

 

केदारनाथ धाम में पर्यावरण संरक्षण के लिए जिला प्रशासन की ‘कैरी मी बैक पॉलिसी’ भी असर दिखा रही है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के मार्गदर्शन में नगर पंचायत केदारनाथ, हीलिंग हिमालयास फाउंडेशन और सुलभ इंटरनेशनल के सहयोग से संचालित इस अभियान में अब तक 5117 श्रद्धालु सहभागी बन चुके हैं। श्रद्धालुओं को विशेष बैग उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनमें वे प्लास्टिक बोतल, रैपर, पैकेजिंग सामग्री सहित अन्य सूखा कूड़ा एकत्र कर वापस गौरीकुंड तक ला रहे हैं। अभियान के तहत अब तक करीब 12 टन सूखा कूड़ा केदारनाथ से गौरीकुंड पहुंचाया जा चुका है। श्रद्धालुओं की इस पहल को धाम को प्लास्टिक मुक्त रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वर्तमान में 31 सुलभ शौचालय परिसरों का संचालन किया जा रहा है। इनमें 150 महिला और 196 पुरुष सीटों सहित कुल 346 सीटें हैं। प्रत्येक परिसर में दिव्यांग-अनुकूल शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

इसके अतिरिक्त पैदल यात्रा मार्ग के 71 प्रमुख पड़ावों पर 294 स्टील फ्रेम शौचालय संचालित किए जा रहे हैं। इनमें 132 महिला और 162 पुरुष सीटें शामिल हैं। प्रत्येक पांच सीटों पर एक सफाईकर्मी की तैनाती की गई है।

 

412 पर्यावरण मित्र और 30 सुपरवाइजर तैनात,

रूद्रप्रयाग। सीतापुर से केदारनाथ धाम तक सफाई व्यवस्था के लिए 412 पर्यावरण मित्र और 30 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। श्रद्धालुओं द्वारा उत्पन्न कूड़े के संग्रहण के लिए यात्रा मार्ग पर 600 डस्टबिन लगाए गए हैं। इनमें 150 लीटर क्षमता के 100 ट्रॉली डस्टबिन, 120 लीटर क्षमता के 200 फ्लैप डस्टबिन और 100 लीटर क्षमता के 300 फ्लैप डस्टबिन शामिल हैं।

केदारनाथ आईलैंड के 20 परिसरों की भी सफाई,

रूद्रप्रयाग। मास्टर प्लान के तहत केदारनाथ आईलैंड में निर्मित 11 सार्वजनिक भवनों और नौ इन्फ्रास्ट्रक्चर परिसरों की सफाई व्यवस्था भी सुलभ इंटरनेशनल द्वारा संभाली जा रही है। यहां 97 पर्यावरण मित्र और 10 सुपरवाइजर तैनात हैं। कार्मिक नियमित रूप से भवनों एवं परिसरों की सफाई, कूड़ा संग्रहण और स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं

घोड़े-खच्चरों की लीद का भी नियमित निस्तारण,

रूद्रप्रयाग। केदारनाथ पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चरों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए उनकी लीद के निस्तारण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यात्रा मार्ग और विभिन्न घोड़ा पड़ावों से लीद नियमित रूप से एकत्र की जा रही है। इसके बाद प्रतिदिन औसतन एक डम्पर के माध्यम से इसे सोनप्रयाग स्थित प्रोसेसिंग यूनिट भेजा जा रहा है। इससे यात्रा मार्ग पर गंदगी कम करने और पर्यावरणीय स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिल रही है।

लगातार निगरानी और व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर: पाठक, 

रूद्रप्रयाग। सुलभ इंटरनेशनल के प्रबंधक धनंजय पाठक ने बताया कि यात्रा अवधि में स्वच्छता और जनसुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं का लगातार संचालन किया जा रहा है। आवश्यकता के अनुसार व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और गरिमापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराने के साथ केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ठोस अपशिष्ट के बेहतर प्रबंधन को सुनिश्चित करना है।