यात्रियों से संचालकों के व्यवहार का लिया जा रहा फीडबैक,
रुद्रप्रयाग। बाबा केदार के दर्शनों के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच गौरीकुंड-केदारनाथ 19 किलोमीटर पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के संचालन को लेकर व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। संकरे और संवेदनशील पैदल मार्ग पर पैदल यात्रियों के बीच घोड़े-खच्चरों की आवाजाही से कई स्थानों पर यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने घोड़ा-खच्चर संचालन व्यवस्था की निगरानी और जांच तेज कर दी है।
प्रशासन की म्यूल टास्क फोर्स पैदल मार्ग पर लगातार चेकिंग अभियान चलाकर घोड़ा-खच्चर संचालकों एवं हॉकरों के आईडी कार्ड और लाइसेंस की जांच कर रही है। संचालकों को निर्धारित रूट पर ही घोड़े-खच्चर संचालित करने तथा यात्रा से संबंधित नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
यात्रा के दूसरे चरण में बाबा केदार के दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में 19 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग पर भीड़ का दबाव बढ़ गया है। यात्रियों का कहना है कि मार्ग के कई हिस्से पहले से ही संकरे और संवेदनशील हैं। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में आवाजाही के दौरान खतरा बना रहता है। इसी बीच पैदल यात्रियों और घोड़े-खच्चरों की एक साथ आवाजाही कई जगहों पर परेशानी बढ़ा रही है।
कुछ श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि एक हॉकर द्वारा एक साथ चार घोड़े-खच्चरों का संचालन किए जाने से संकरे रास्तों पर पैदल यात्रियों को निकलने में कठिनाई होती है। वहीं कुछ यात्रियों ने संचालकों के व्यवहार पर भी सवाल उठाते हुए संवेदनशील स्थानों पर पुलिस निगरानी और यातायात नियंत्रण बढ़ाने की मांग की है।
म्यूल टास्क फोर्स केवल दस्तावेजों की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि घोड़े-खच्चर से यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं से संचालकों के व्यवहार, सेवा और यात्रा के दौरान आने वाली परेशानियों को लेकर सीधे फीडबैक भी ले रही है। यात्रियों से मिलने वाली शिकायतों और सुझावों के आधार पर व्यवस्था में सुधार की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन की ओर से संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए जा रहे हैं कि यात्रियों के साथ शालीन व्यवहार करें, निर्धारित मार्ग और नियमों का पालन करें तथा पैदल मार्ग पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था पैदा न करें।
पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने कहा कि केदारनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रा मार्ग पर निगरानी, जांच और आवश्यक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

