11 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे बाबा केदारनाथ के कपाट, कपाट बंद होने की तिथि नजदीक आने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार,
रुद्रप्रयाग। विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम में वर्ष 2026 की यात्रा अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रही है। आगामी 11 नवंबर को शीतकाल के लिए धाम के कपाट बंद होने हैं, लेकिन बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंच रहे श्रद्धालुओं की आवाजाही से इन दिनों पूरा धाम भक्तिमय बना हुआ है। मंदिर परिसर बाबा के जयकारों से गुंजायमान है।
हिमालय की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित केदारनाथ धाम में इन दिनों मौसम अनुकूल रहने से श्रद्धालुओं को दर्शन करने में सुविधा मिल रही है। बर्फ से ढकी पर्वत चोटियां, प्राकृतिक सौंदर्य और मंदिर परिसर का आध्यात्मिक वातावरण तीर्थयात्रियों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है। कपाट बंद होने की तिथि नजदीक आने के साथ ही श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करने के लिए धाम पहुंच रहे हैं।
वर्ष 2026 की केदारनाथ यात्रा में अब तक 19 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की यह संख्या भगवान केदारनाथ के प्रति देशभर में व्याप्त अटूट आस्था और विश्वास को दर्शाती है। यात्रा के अंतिम चरण में भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। पैदल मार्ग के साथ ही घोड़ा-खच्चर, डंडी-कंडी और हेली सेवा के माध्यम से तीर्थयात्री धाम पहुंच रहे हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए रुद्रप्रयाग पुलिस यात्रा मार्ग से लेकर केदारनाथ धाम तक लगातार मुस्तैदी से डटी हुई है। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए पुलिस बल तत्परता से कार्य कर रहा है। जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के समन्वय से यात्रा व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखा गया है।
धाम में लगातार गिरते तापमान और संभावित बर्फबारी को देखते हुए श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। यात्रियों को पर्याप्त गर्म कपड़े, आवश्यक दवाइयां और जरूरी सामग्री साथ रखने की सलाह दी गई है। धाम के लिए रवाना होने से पहले मौसम की जानकारी अवश्य प्राप्त करें तथा अपनी शारीरिक क्षमता और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही यात्रा करें। साथ ही पैदल मार्ग पर सतर्कता बरतने और पुलिस एवं प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
कपाट बंद होने की तिथि नजदीक आने के बावजूद केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की निरंतर आवाजाही से आस्था और भक्ति का उल्लास बना हुआ है। बाबा के जयकारों के बीच धाम में वर्ष 2026 की यात्रा अपने समापन की ओर अग्रसर है।

