दो पायलटों की अनिवार्यता के विरोध में निजी कंपनियों का फैसला, सहस्रधारा से केदारनाथ और बदरीनाथ के लिए संचालित चार्टर सेवाएं प्रभावित,,
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए केदारघाटी से संचालित होने वाली नियमित हेली सेवाएं सुचारु रूप से जारी हैं। शेरसी, फाटा और गुप्तकाशी हेलीपैड से हेलीकॉप्टर लगातार उड़ान भर रहे हैं और श्रद्धालुओं को महज सात मिनट में केदारनाथ धाम पहुंचा रहे हैं। हालांकि, लंबी दूरी की चार्टर हेली सेवाओं पर फिलहाल विराम लग गया है। बदरीनाथ में हुए हेलीकॉप्टर हादसे के बाद दो पायलटों की अनिवार्यता लागू किए जाने के विरोध में निजी चार्टर ऑपरेटरों ने अपनी उड़ानें बंद कर दी हैं। इससे सहस्रधारा से केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के लिए संचालित होने वाली चार्टर सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
जानकारी के अनुसार, केदारनाथ धाम के लिए केदारघाटी के शेरसी, फाटा और गुप्तकाशी सेक्टर से नियमित हेली सेवाओं का संचालन जारी है। इन सेक्टरों से हेलीकॉप्टर लगभग सात मिनट में केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं। इससे हेली सेवा के माध्यम से बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिल रही है। वहीं, सहस्रधारा से संचालित होने वाली लंबी दूरी की चार्टर उड़ानें फिलहाल बंद हैं।
जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि बदरीनाथ धाम में हुए हेलीकॉप्टर हादसे के बाद विमानन सुरक्षा मानकों के तहत दो पायलटों की अनिवार्यता लागू की गई है। निजी चार्टर ऑपरेटर इस व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं। इसी के चलते उन्होंने लंबी दूरी की चार्टर सेवाओं का संचालन रोक दिया है। इसका सीधा असर देहरादून के सहस्रधारा से केदारनाथ और बदरीनाथ के लिए संचालित होने वाली उड़ानों पर पड़ा है।
इधर, हेली सेवाओं के सुरक्षित संचालन और मौसम की निगरानी के लिए शेरसी सेक्टर में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) स्थापित किया गया है। एटीसी के माध्यम से हेली ऑपरेटरों को मौसम की पल-पल की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि मौसम की परिस्थितियों और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए उड़ानों का संचालन किया जा सके।
बताया जा रहा है कि मौसम अनुकूल रहने पर पहले प्रतिदिन करीब 50 से 60 चार्टर उड़ानें संचालित होती थीं। चार्टर सेवाओं के बंद होने से इन उड़ानों पर असर पड़ा है। हालांकि, केदारघाटी से केदारनाथ धाम के लिए संचालित होने वाली नियमित हेली सेवाएं पहले की तरह जारी हैं।

