चार दिन में ग्रामीणों ने तैयार की 300 मीटर सड़क, राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट की अध्यक्षता में हुई वार्ता,
लोनिवि ने सड़क निर्माण की पत्रावली शीघ्र तैयार करने का दिया लिखित आश्वासन,
ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग। मदमहेश्वर घाटी की ग्राम पंचायत गैड़ के बष्टी तोक को मोटर मार्ग से जोड़ने की मांग को लेकर ग्रामीणों द्वारा चलाया जा रहा श्रमदान अभियान शनिवार को समाप्त हो गया। राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट की अध्यक्षता में ग्रामीणों और लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के अधिकारियों के बीच हुई वार्ता में विभाग की ओर से सड़क निर्माण से संबंधित आवश्यक पत्रावली शीघ्र तैयार करने का लिखित आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने श्रमदान समाप्त करने की घोषणा की।
बष्टी तोक के ग्रामीण पिछले दस वर्षों से गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग कर रहे हैं। मोटर मार्ग के अभाव में ग्रामीणों को अपनी कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने और उसका विपणन करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से मांग पूरी नहीं होने पर ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर सड़क बनाने की पहल की। चार दिनों तक चले इस अभियान में ग्रामीणों ने करीब 300 मीटर सड़क तैयार कर शासन-प्रशासन का ध्यान अपनी समस्या की ओर आकर्षित किया।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया था कि जब तक सड़क निर्माण की दिशा में ठोस पहल का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक श्रमदान जारी रहेगा। मामले में राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने पहल करते हुए ग्रामीणों और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के बीच वार्ता कराई। बैठक में लोनिवि के अधिशासी अभियंता इन्द्रजीत बोस ने सड़क निर्माण से संबंधित आवश्यक पत्रावली शीघ्र तैयार करने का लिखित आश्वासन दिया।
लिखित आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना श्रमदान अभियान समाप्त कर दिया। इससे बष्टी तोक को सड़क सुविधा से जोड़ने की उम्मीद जगी है। हालांकि, अब ग्रामीणों की निगाहें विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं। पत्रावली तैयार होने और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ने पर क्षेत्रवासियों को लंबे समय से चली आ रही यातायात संबंधी समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान राजेन्द्र पंवार, ग्राम प्रधान गडगू सरिता नेगी, पूर्व प्रधान नरेन्द्र पंवार, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य संगीता देवी, विजया देवी, रजनी देवी, बलवीर राणा, गजेन्द्र सिंह पंवार, भगत सिंह राणा, बीरबल सिंह राणा, राकेश राणा, कुलदीप सिंह पंवार, बलवन्त सिंह राणा तथा सहायक अभियंता नरेन्द्र कुमार सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

