रुद्रप्रयाग। विकासखंड अगस्त्यमुनि के ग्राम भट्टवाड़ी निवासी दिनेश भट्ट को दिल्ली हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किए जाने पर उनके मूल गांव सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। क्षेत्रवासियों ने उनकी नियुक्ति को भट्टवाड़ी गांव और पूरे रुद्रप्रयाग जनपद के लिए गौरव की उपलब्धि बताया है।
भट्टवाड़ी निवासी शिक्षक विनोद प्रकाश भट्ट ने बताया कि दिनेश भट्ट के पिता का नाम कालिका प्रसाद भट्ट और माता का नाम शांता देवी था। पिता के निधन के बाद उनकी माता गांव में ही रहती थीं, जिसके चलते दिनेश भट्ट का अपने पैतृक गांव से लगातार संपर्क बना रहा। वह समय-समय पर भट्टवाड़ी आते रहे हैं और आज भी उनका गांव एवं क्षेत्र से गहरा लगाव है। गांव में आयोजित सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में भी उनकी उपस्थिति रहती है।
विनोद प्रकाश भट्ट के अनुसार, दिनेश भट्ट ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट एडवर्ड स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, संजौली से कॉलेज की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 1993 में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट और जिला कचहरी शिमला में अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस शुरू की। वर्ष 2008 में दिल्ली न्यायिक सेवा में प्रथम स्थान प्राप्त करने के बाद उन्हें एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज नियुक्त किया गया। लंबे न्यायिक एवं कानूनी करियर के बाद अब उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है।
विनोद प्रकाश भट्ट ने कहा कि दिनेश भट्ट की यह उपलब्धि उनके परिवार और गांव के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर न्यायिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है। कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठेत, समाजसेवी लक्ष्मी प्रसाद डिमरी, रोहित डिमरी, प्रवीन रावत सहित अन्य लोगों ने भी दिनेश भट्ट को उनकी उपलब्धि पर शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई कि वह अपनी नई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा और न्यायप्रियता के साथ करते हुए न्याय के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखेंगे।

