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गैड़-बष्टी मोटर मार्ग के लिए ग्रामीणों का श्रमदान जारी, लिखित आश्वासन पर अड़े

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राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट और लोनिवि के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा, 

 

तीन माह में पत्रावली तैयार करने का भरोसा,

 

शनिवार को लिखित आश्वासन मिलने की उम्मीद,

ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग। मदमहेश्वर घाटी की ग्राम पंचायत गैड़ के बष्टी तोक को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग को लेकर ग्रामीणों का श्रमदान अभियान लगातार जारी है। करीब दस वर्षों से मोटर मार्ग की मांग उठा रहे ग्रामीण अब अपने दम पर सड़क तैयार करने में जुटे हैं। शुक्रवार को राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट और लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता नरेन्द्र कुमार ने श्रमदान स्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से वार्ता की। विभाग की ओर से तीन माह के भीतर मोटर मार्ग निर्माण से संबंधित पत्रावली तैयार करने का भरोसा दिया गया है। हालांकि, ग्रामीण मौखिक आश्वासन मानने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लिखित आश्वासन मिलने तक श्रमदान जारी रहेगा।

 

श्रमदान स्थल पर ग्रामीणों ने सड़क के अभाव में हो रही परेशानियों से राज्य मंत्री को अवगत कराया। इस पर चण्डी प्रसाद भट्ट ने लोक निर्माण विभाग और वन विभाग के उच्चाधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने तथा सड़क निर्माण से संबंधित पत्रावली शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। विभाग की ओर से तीन माह के भीतर पत्रावली तैयार करने का भरोसा मिलने के बाद शनिवार को लिखित आश्वासन दिए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

 

गैड़ ग्राम पंचायत का बष्टी तोक आज भी मोटर मार्ग की सुविधा से वंचित है। सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को कृषि उत्पादों के परिवहन और विपणन के साथ ही रोजमर्रा की आवाजाही में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वर्षों तक मांग पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर सड़क तैयार करने का बीड़ा उठाया। ग्रामीणों ने चार दिनों के भीतर करीब 300 मीटर सड़क तैयार कर अपनी एकजुटता और संकल्प का परिचय दिया है।

 

श्रमदान अभियान को समर्थन देने के लिए उत्तराखंड क्रांति दल के नेता आशुतोष भण्डारी भी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के साथ श्रमदान कर चुके हैं। अब राज्य मंत्री और विभागीय अधिकारी के पहुंचने से ग्रामीणों को सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई की उम्मीद जगी है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर वे लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब केवल मौखिक आश्वासन से काम नहीं चलेगा। जब तक विभाग निर्धारित समयसीमा के साथ लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक श्रमदान जारी रहेगा। शनिवार को विभाग की ओर से लिखित आश्वासन मिलने की उम्मीद है। इसके बाद ही ग्रामीण आगे की रणनीति पर निर्णय लेंगे।

 

फिलहाल बष्टी तोक के ग्रामीणों की निगाहें विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। अब देखना होगा कि करीब एक दशक से सड़क सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीणों की मांग कब धरातल पर उतरती है।

इस मौके पर ग्राम प्रधान राजेन्द्र सिंह पंवार, पूर्व प्रधान राजेश्वरी देवी, नरेन्द्र पंवार, क्षेत्र पंचायत सदस्य रजनी देवी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य संगीता देवी, विशेश्वरी देवी, दीपा देवी, फगण सिंह पंवार, जसमति देवी, बलवीर राणा, सुशीला देवी, देवेश्वरी देवी, वन्दना देवी, निशा देवी, शशि देवी, कुंवरी देवी, आशा देवी, जसमति देवी सहित चार दर्जन से अधिक ग्रामीण मौजूद रहे।