पुनाड़ गदेरे में पशु अपशिष्ट डालने की शिकायत, डीएम ने दिए जांच के संकेत,,
रुद्रप्रयाग। शहर के नए बस अड्डे क्षेत्र में संचालित मांस की दुकानों में बीमार भेड़-बकरों और मुर्गों को लाकर बेचे जाने की आशंका ने लोगों के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड के सदस्य रोहित डिमरी ने जिलाधिकारी विशाल मिश्रा को शिकायती पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच, संबंधित विभागों के संयुक्त निरीक्षण और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में पुनाड़ गदेरे में पशु अपशिष्ट के निस्तारण को लेकर भी चिंता जताई गई है।
शिकायती पत्र में, नए बस अड्डे पर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के नीचे संचालित मांस की दुकानों में बाहरी शहरों से भेड़-बकरे और मुर्गे लाए जाने की बात कही गई है। इनमें कुछ पशुओं के बीमार होने की आशंका जताते हुए इस संबंध में प्रसारित हो रहे वीडियो की भी जांच कराने की मांग की गई है। हालांकि, पशुओं के बीमार होने और उनके मांस की बिक्री से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
रोहित डिमरी ने मांग की है कि मांस की दुकानों पर पहुंचने वाले पशुओं के स्वास्थ्य संबंधी अभिलेखों की जांच की जाए। साथ ही, मांस की बिक्री से पहले आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण, दुकानों में स्वच्छता की स्थिति और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के अनुपालन की पड़ताल की जाए। उन्होंने कहा कि यदि बिना निर्धारित स्वास्थ्य जांच के मांस की बिक्री की जा रही है, तो यह आमजन के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकता है। इसलिए मामले को केवल शिकायत तक सीमित रखने के बजाय धरातल पर जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
शिकायत में पुनाड़ गदेरे के प्रदूषण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। आरोप है कि मांस की दुकानों और बूचड़खानों से निकलने वाले रक्त तथा पशु अवशेषों का उचित निस्तारण नहीं होने की आशंका है। इससे गदेरे के जल और आसपास के पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। डिमरी ने संबंधित अधिकारियों से मौके पर निरीक्षण कर यह पता लगाने की मांग की है कि पशु अपशिष्ट का निस्तारण निर्धारित नियमों के अनुसार हो रहा है या नहीं।
रोहित डिमरी ने जिलाधिकारी से पशुपालन विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग और नगर पालिका की संयुक्त टीम गठित कर संबंधित दुकानों का निरीक्षण कराने का आग्रह किया है। उन्होंने पशुओं के स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेजों, मांस की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था और अपशिष्ट निस्तारण की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य, पशु कल्याण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जांच में अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
डीएम बोले—स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं,
रूद्रप्रयाग। मामले में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने जांच की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब संबंधित विभागों की जांच और निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में क्या कार्रवाई की जाती है।

