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तीन मुख्यमंत्रियों की घोषणा भी बेअसर! सिमली को बेस अस्पताल का इंतजार, अब 20 अक्टूबर को मुख्यमंत्री आवास घेरेंगे ग्रामीण,,

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महापंचायत के एक माह बाद भी धरातल पर नहीं उतरा वादा, सिमली से निकली पदयात्रा रुद्रप्रयाग पहुंची, मांग पूरी नहीं हुई तो विधायकों के विरोध और विधानसभा चुनाव बहिष्कार की चेतावनी,,

 

 

रुद्रप्रयाग।

 

तीन मुख्यमंत्री, बार-बार घोषणाएं और वर्षों से इंतजार कर रहे हजारों लोग… लेकिन सिमली में बेस अस्पताल निर्माण का सपना आज भी अधूरा है। सवाल यह है कि जब तीन मुख्यमंत्रियों की ओर से अस्पताल निर्माण की घोषणा की जा चुकी है, तो आखिर धरातल पर काम क्यों शुरू नहीं हुआ? चमोली जनपद के सिमली में बेस अस्पताल निर्माण की मांग अब केवल आश्वासनों तक सीमित रहने को तैयार नहीं है। शासन की कथित उदासीनता से नाराज ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। सिमली बेस अस्पताल संघर्ष समिति के नेतृत्व में निकाली जा रही पदयात्रा सोमवार शाम रुद्रप्रयाग पहुंची, जहां स्थानीय लोगों ने आंदोलनकारियों का जोरदार स्वागत कर उनके संघर्ष को समर्थन दिया।

 

संघर्ष समिति ने साफ चेतावनी दी है कि अब घोषणाओं से काम नहीं चलेगा। अस्पताल निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इतना ही नहीं, मांग पूरी न होने पर क्षेत्र में विधायकों के विरोध और आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार तक का ऐलान किया गया है।

आगामी 20 अक्टूबर को देहरादून में मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर सरकार को पूर्व में किए गए वादों की याद दिलाई जाएगी।

 

 

तीन मुख्यमंत्रियों ने किया ऐलान, फिर भी अस्पताल नदारद,

 

सिमली में बेस अस्पताल निर्माण की मांग वर्षों पुरानी है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और हरीश रावत ने अस्पताल निर्माण की घोषणा की थी। इसके बाद वर्ष 2024 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सिमली में बेस अस्पताल बनाने का ऐलान किया। इसके बावजूद क्षेत्रवासियों को अब तक अस्पताल की सुविधा नहीं मिल पाई है।

 

समिति का कहना है कि वर्ष 2012 में तत्कालीन विधायकों के बीच खींचतान के चलते भी यह मामला आगे नहीं बढ़ सका। वर्षों से घोषणाओं और आश्वासनों के बीच झूल रही इस मांग ने अब जनआंदोलन का रूप ले लिया है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब अस्पताल की जरूरत और उसकी उपयोगिता स्पष्ट है, तो फिर निर्माण की दिशा में निर्णायक पहल क्यों नहीं हो रही?

 

 

महापंचायत को बीता एक महीना, कार्रवाई का इंतजार बरकरार,

 

बेस अस्पताल निर्माण की मांग को लेकर आयोजित महापंचायत के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि शासन जल्द कोई ठोस निर्णय लेगा। लेकिन संघर्ष समिति का आरोप है कि एक माह बीतने के बाद भी घोषणा पर अमल नहीं हुआ। इसी नाराजगी के बीच ग्रामीणों ने नवरात्र के पहले दिन सिमली से पदयात्रा शुरू की, जो सोमवार शाम रुद्रप्रयाग पहुंची।

पदयात्रा का अगला पड़ाव श्रीनगर होगा। इसके बाद आंदोलनकारी देहरादून पहुंचकर 20 अक्टूबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। संघर्ष समिति का कहना है कि यह पदयात्रा केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि वर्षों से स्वास्थ्य सुविधाओं की बाट जोह रहे लोगों की आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास है।

 

अस्पताल नहीं होने की कीमत चुका रहे दूरस्थ क्षेत्र के लोग,

 

 

सिमली में बेस अस्पताल का निर्माण होने से चमोली जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों सहित आसपास के इलाकों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। गंभीर बीमारी, सड़क दुर्घटना और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को उपचार के लिए दूरस्थ अस्पतालों तक ले जाने की मजबूरी कम हो सकती है। समय पर उपचार मिलने से मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी।

ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरत के लिए वर्षों तक घोषणाओं पर निर्भर रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। अस्पताल का मुद्दा किसी एक गांव या क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों लोगों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और जीवन से जुड़ा सवाल है।

 

अब वादे नहीं, जमीन पर काम चाहिए

रुद्रप्रयाग में पदयात्रा के स्वागत के दौरान आंदोलन को समर्थन देते हुए अस्पताल निर्माण की मांग को जनहित का महत्वपूर्ण मुद्दा बताया गया। संघर्ष समिति ने शासन से मांग की कि पूर्व में की गई घोषणाओं को कागजों से बाहर निकालकर निर्माण की प्रक्रिया तत्काल आगे बढ़ाई जाए।

 

समिति ने स्पष्ट किया कि यदि अब भी मांग की अनदेखी हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। विधायकों के विरोध और विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी ने इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण बना दिया है। अब निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह ग्रामीणों की मांग पर ठोस कार्रवाई करता है या आंदोलन को और उग्र होने की नौबत आती है।

 

 

पदयात्रा में ये रहे शामिल

पदयात्रा में सिमली बेस अस्पताल संघर्ष समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी, संरक्षक महेश चंद्र डिमरी, उपाध्यक्ष खिलदेव सिंह रावत, संजय कुमार डिमरी, नरेंद्र सिंह, सिमली के ग्राम प्रधान पंकज, जयदीप गैरोला, रविंद्र खंडूड़ी, भास्करानंद डिमरी सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल रहे।