प्रवीन रावत । प्रधान संपादक
रुद्रप्रयाग। 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले रुद्रप्रयाग जिले की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। खलियाण बांगर वार्ड से जिला पंचायत सदस्य एवं कांग्रेस नेता ग्यालू लाल ने करीब 35 वर्षों का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। उनके इस फैसले को कांग्रेस के लिए बड़े राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है। खासकर जिला पंचायत चुनाव के बाद सामने आए इस घटनाक्रम ने जिले में राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।
करीब साढ़े तीन दशक तक कांग्रेस से जुड़े रहे ग्यालू लाल का भाजपा में शामिल होना स्थानीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिला पंचायत सदस्य के रूप में क्षेत्र में उनकी पहचान है। ऐसे में उनके पाला बदलने से भाजपा को संगठनात्मक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जबकि कांग्रेस के सामने अपने समर्थकों और स्थानीय जनाधार को बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो सकती है।
ग्यालू लाल के भाजपा में शामिल होने पर भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट ने उनका स्वागत किया और पार्टी में नई जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, राज्यमंत्री विजय कप्रवान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष रितु नेगी, जिला पंचायत सदस्य अमित मैखंडी, गंभीर बिष्ट और जयवर्धन कांडपाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
केदारनाथ और रुद्रप्रयाग की राजनीति पर नजर
रुद्रप्रयाग। ग्यालू लाल के भाजपा में शामिल होने का असर केदारनाथ और रुद्रप्रयाग विधानसभा क्षेत्रों की राजनीति पर पड़ने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के मतदाताओं के बीच उनकी राजनीतिक पकड़ को लेकर भी चर्चाएं हैं। भाजपा इस नए जुड़ाव के जरिए क्षेत्र में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर सकती है। हालांकि, इसका वास्तविक चुनावी लाभ कितना मिलेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
कांग्रेस के सामने जनाधार बचाने की चुनौती
रुद्रप्रयाग। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले नेताओं का दल बदलना जिले में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। करीब 35 वर्षों तक कांग्रेस में सक्रिय रहे ग्यालू लाल का पार्टी छोड़ना कांग्रेस के लिए आत्ममंथन का विषय बन सकता है। अब देखना होगा कि कांग्रेस इस घटनाक्रम के बाद अपने संगठन को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाती है और भाजपा ग्यालू लाल की क्षेत्रीय राजनीतिक पहचान को किस तरह अपने पक्ष में भुना पाती है। फिलहाल, उनके भाजपा में शामिल होने से रुद्रप्रयाग की सियासत में नई हलचल पैदा हो गई है।

