रुद्रप्रयाग। उत्तराखण्ड क्रान्ति दल (उक्रांद) ने स्यालसौड़-चन्द्रापुरी क्षेत्र में प्रस्तावित शराब की उप-दुकान के विरोध में चल रहे जनआंदोलन के दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच हुई कथित झड़प एवं मारपीट की घटना की कड़ी निंदा करते हुए मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
उक्रांद के केन्द्रीय महामंत्री देवेन्द्र चमोली के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी विशाल मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर कहा कि चन्द्रापुरी क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से शराब की उप-दुकान खोले जाने का विरोध कर रहे हैं। क्षेत्र की महिलाएं, युवा वर्ग और विभिन्न सामाजिक संगठन भी इस निर्णय के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में शराब की दुकान खुलने से सामाजिक ताना-बाना प्रभावित होगा तथा युवाओं पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण ढंग से अपना लोकतांत्रिक विरोध दर्ज करा रहे स्थानीय लोगों और उक्रांद कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया तथा बल प्रयोग करते हुए मारपीट की गई। उक्रांद नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में जनता को अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन पुलिस की कथित कार्रवाई से क्षेत्र में आक्रोश और असंतोष का माहौल पैदा हो गया है।
उक्रांद ने जिलाधिकारी से मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा यदि जांच में पुलिसकर्मियों द्वारा अनावश्यक बल प्रयोग या दुर्व्यवहार की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में उक्रांद जिलाध्यक्ष बलवीर सिंह चौधरी, सुबोध नौटियाल, भरत सिंह राणा, जितार जगवाण, अर्जुन कंडारी, रविन्द्र राणा सहित अनेक कार्यकर्ता शामिल रहे।
उक्रांद नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जनभावनाओं की अनदेखी कर क्षेत्र में शराब की उप-दुकान खोलने का प्रयास किया गया और आंदोलनकारियों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार पर कार्रवाई नहीं हुई, तो दल जनता के साथ मिलकर आंदोलन को और व्यापक रूप देगा।