रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत प्रयोगशाला सहायकों एवं कार्यालय सहायकों को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। वेतन भुगतान में हो रही देरी से कर्मचारियों और उनके परिवारों की दैनिक आवश्यकताओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
कर्मचारियों का कहना है कि कई कार्मिक अपने गृह जनपदों से दूर दुर्गम एवं दूरस्थ विद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं। समय पर वेतन न मिलने के कारण बच्चों की स्कूल फीस, आवास किराया, बैंक ऋण की किस्तों तथा अन्य आवश्यक खर्चों का भुगतान करना मुश्किल हो गया है, जिससे उनकी पारिवारिक एवं आर्थिक स्थिति लगातार प्रभावित हो रही है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय, रुद्रप्रयाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार वित्त अधिकारी के 30 मार्च को सेवानिवृत्त होने के बाद से नए वित्त अधिकारी की नियुक्ति नहीं हो सकी है। कर्मचारियों का मानना है कि इसी कारण वेतन भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। बताया जा रहा है कि प्रदेश के अन्य जनपदों में भी इसी प्रकार की स्थिति बनी हुई है, जिससे बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रभावित हैं।
प्रयोगशाला सहायक एवं कार्यालय सहायक माध्यमिक शिक्षा संघ उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष जीतराम पौठियाल ने कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलना अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि वेतन कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार होता है और इसके भुगतान में देरी से कर्मचारियों को अनावश्यक आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार एवं शिक्षा विभाग से मांग की है कि समस्या का शीघ्र समाधान करते हुए लंबित वेतन का तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके और वे निर्विघ्न रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।