Apr 22, 2026

वन वीर शहीद जगदीश प्रसाद लोहनिया को श्रद्धांजलि, दक्षिणी जखोली रेंज में मनाया गया ‘वन शहीद स्मृति दिवस’, भावुक हुए लोग,

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रुद्रप्रयाग। वनों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूत स्वर्गीय जगदीश प्रसाद लोहनिया की स्मृति में आज दक्षिणी जखोली रेंज में ‘वन शहीद स्मृति दिवस’ बड़े ही श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने भाग लेकर शहीद वन कर्मी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम की शुरुआत शहीद लोहनिया के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई, जिसके बाद उनकी वीरता और बलिदान को याद करते हुए उपस्थित जनों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर उनकी स्मृति में सांकेतिक रूप से पौधारोपण भी किया गया, जो वन संरक्षण के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक बना।

गौरतलब है कि स्वर्गीय जगदीश प्रसाद लोहनिया, जो उस समय अलकनंदा रेंज में रेंजिन मोहर्रिर के पद पर कार्यरत थे, ने 22 अप्रैल 1999 की रात लगभग 10 बजे भीषण वनाग्नि से जंगलों को बचाने के प्रयास में अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। उनका यह बलिदान आज भी वन विभाग और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है। वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद के ग्राम चिहुली तिवारी के निवासी थे।

कार्यक्रम में उपस्थित विजयपाल नेगी ने अपने बचपन की यादों को साझा करते हुए कहा कि लोहनिया जी का व्यक्तित्व साहस, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण था। उन्होंने वन विभाग द्वारा इस प्रकार के आयोजनों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को प्रेरित करते हैं और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाते हैं। साथ ही उन्होंने आमजन से अपील की कि वे वनाग्नि की घटनाओं को रोकने और वनों के संरक्षण में सक्रिय सहयोग दें।

इस अवसर पर वन क्षेत्राधिकारी दक्षिणी जखोली हरीश थपलियाल, वन क्षेत्राधिकारी उत्तरी जखोली सुरेंद्र सिंह, प्रकाश कंडारी, अमन पैन्यूली, आशीष रावत सहित कई अन्य अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि वन केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि हमारी जीवनरेखा हैं। इन्हें सुरक्षित रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सके।