Mar 17, 2026

कच्ची दुकानों की निविदा निरस्त न होने पर व्यापारी आमरण अनशन पर बैठे, मुख्यमंत्री के आश्वासन को भी ठेंगा देखा रहा है जिला प्रशासन : व्यापारी

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ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर कच्ची दुकानों के आवंटन से जुड़ी निविदा निरस्त न किए जाने से आक्रोशित व्यापारियों ने तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों की अनदेखी कर रहा है, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है।

तहसील परिसर में चल रहे इस अनशन में केदारनाथ यात्रा से जुड़े बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हो गए हैं। व्यापारियों का आरोप है कि वर्ष 2024 में गुप्तकाशी में आयोजित एक जनसभा के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पांच वर्षों तक दुकानों का संचालन यथावत जारी रखने का आश्वासन दिया था, लेकिन हाल ही में जिला प्रशासन द्वारा कच्ची दुकानों के आवंटन को लॉटरी प्रणाली से कराने का निर्णय लिया गया है। उनका कहना है कि यह फैसला स्थानीय व्यापारियों के अधिकारों का हनन है।

व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक निविदा प्रक्रिया को निरस्त नहीं किया जाता, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। आंदोलन को क्षेत्र पंचायत प्रमुख पंकज शुक्ला और व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट का भी समर्थन मिला है। दोनों नेताओं ने अनशन स्थल पर पहुंचकर व्यापारियों की मांगों को जायज बताते हुए प्रशासन से शीघ्र समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की उपेक्षा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

व्यापारियों का कहना है कि कच्ची दुकानें उनके परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन हैं और यदि उन्हें इससे वंचित किया गया, तो उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर न्यायपूर्ण निर्णय लेने की मांग की है। आमरण अनशन के पहले दिन केदार घाटी श्रद्धालु सेवा समिति के अध्यक्ष संदीप पुष्वाण, वीरेन्द्र सिंह कोटवाल, जसवंत सिंह बिष्ट, यशपाल सिंह पंवार, जसपाल सिंह पंवार, चंद्र मोहन सिंह चौहान और प्रेम सिंह रावत अनशन पर बैठे। इस दौरान सुनील भट्ट, विजेन्द्र राणा, सुषमा, यशवीर सिंह रावत, महेंद्र सिंह रावत और महिपाल सिंह पुष्वाण सहित कई व्यापारी मौके पर मौजूद रहे।