Aug 10, 2026

ग्रामीणों ने संभाली मद्महेश्वर धाम की स्वच्छता की कमान, गौंडार से धाम तक चला अभियान, यात्रा पड़ावों से हटाया कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ मद्महेश्वर का लिया संकल्प

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यात्रा पड़ावों से हटाया कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ मद्महेश्वर का लिया संकल्प,

ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग। द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर धाम की पवित्रता और प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने के लिए ग्रामीणों और स्थानीय व्यापारियों ने खुद स्वच्छता की कमान संभाल ली है। मद्महेश्वर यात्रा के आधार शिविर गौंडार से लेकर बनातोली सहित विभिन्न यात्रा पड़ावों तक ग्रामीणों और व्यापारियों ने व्यापक स्वच्छता अभियान चलाकर यात्रा मार्ग और सार्वजनिक स्थलों से कूड़ा-कचरा हटाया। अभियान के दौरान प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन, खाद्य सामग्री के पैकेट और अन्य अनुपयोगी सामग्री एकत्रित कर निस्तारण किया गया। स्थानीय लोगों ने यात्रियों से भी धाम और यात्रा मार्ग की पवित्रता एवं स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।

मद्महेश्वर यात्रा के आधार शिविर गौंडार के ग्रामीणों और व्यापारियों ने सामूहिक रूप से अभियान की शुरुआत की। इसके बाद गौंडार से मद्महेश्वर धाम तक विभिन्न यात्रा पड़ावों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई की गई। बनातोली, खटरा, नानू, गौंडार सहित यात्रा मार्ग के अन्य स्थानों पर भी स्थानीय लोगों ने रास्ते के किनारे जमा कूड़े को हटाया। यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही के बीच कूड़ा जमा होने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने सरकारी व्यवस्था का इंतजार करने के बजाय स्वयं पहल कर स्वच्छता की जिम्मेदारी उठाई।

ग्रामीणों ने कहा कि मद्महेश्वर धाम केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि हिमालय की अनमोल प्राकृतिक संपदा से घिरा संवेदनशील क्षेत्र भी है। ऐसे में धाम की पवित्रता के साथ पर्यावरण संरक्षण भी प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। हिमालयी क्षेत्रों में कूड़े का निस्तारण मैदानी क्षेत्रों की अपेक्षा अधिक चुनौतीपूर्ण होता है। विशेष रूप से प्लास्टिक लंबे समय तक नष्ट नहीं होता, जिससे प्राकृतिक जलस्रोतों, वनस्पतियों और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

पूर्व प्रधान बीर सिंह पंवार ने यात्रियों से अपील की कि यात्रा के दौरान खाने-पीने की सामग्री के पैकेट, प्लास्टिक की बोतलें और अन्य कचरा यात्रा मार्ग या खुले स्थानों पर न फेंकें। कचरे को निर्धारित स्थान पर ही डालें अथवा अपने साथ वापस लेकर जाएं। उन्होंने कहा कि भगवान मद्महेश्वर के धाम की पवित्रता बनाए रखना केवल स्थानीय लोगों की नहीं, बल्कि यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का सामूहिक दायित्व है।

स्वच्छता अभियान में शामिल व्यापारियों ने भी यात्रा सीजन के दौरान अपने प्रतिष्ठानों और आसपास के क्षेत्रों को साफ रखने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ कचरे की मात्रा भी बढ़ती है। ऐसे में प्रत्येक व्यापारी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और यात्रियों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करना होगा। पूर्व प्रधान बलवीर पंवार ने कहा कि मद्महेश्वर धाम की पहचान धार्मिक आस्था के साथ इसकी प्राकृतिक सुंदरता से भी है। यात्रा मार्ग और पड़ाव स्वच्छ रहेंगे तो श्रद्धालुओं के बीच भी सकारात्मक संदेश जाएगा।

पूर्व प्रधान भगत सिंह पंवार ने कहा कि स्वच्छता अभियान को केवल एक दिन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पूरे यात्रा सीजन में स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों और व्यापारियों के सहयोग से इसे जारी रखने का प्रयास किया जाएगा। यात्रियों को भी पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक कचरे के उचित निस्तारण के लिए लगातार जागरूक किया जाएगा।

ग्रामीणों और व्यापारियों की इस सामूहिक पहल को स्थानीय स्तर पर सराहनीय कदम माना जा रहा है। उनका कहना है कि सरकारी व्यवस्थाओं के साथ यदि समाज भी अपनी जिम्मेदारी निभाए तो धार्मिक स्थलों और हिमालयी क्षेत्रों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखना संभव है। ग्रामीणों ने भविष्य में भी सामूहिक स्वच्छता अभियान चलाने और यात्रियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। उन्होंने एक स्वर में ‘स्वच्छ मद्महेश्वर, सुंदर मद्महेश्वर’ का संदेश देते हुए श्रद्धालुओं से अपील की कि वे बाबा मद्महेश्वर के दर्शन के साथ हिमालय की प्रकृति और धाम की पवित्रता की रक्षा का संकल्प लेकर लौटें।