श्रम विभाग कार्यालय पर तीनों विकासखंडों से पहुंच रहे आवेदक, पूर्व जिला पंचायत सदस्य नरेंद्र बिष्ट ने विकासखंड स्तर पर कैंप लगाने की उठाई मांग,
रुद्रप्रयाग। श्रमिक कार्ड बनवाने और इससे संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए श्रम विभाग कार्यालय रुद्रप्रयाग में उमड़ रही भीड़ अब ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। जनपद के तीनों विकासखंडों से बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंच रहे हैं। भीड़ बढ़ने के कारण कार्यालय परिसर में अव्यवस्था की स्थिति बन रही है और लोगों को लंबी कतारों के साथ धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ रहा है। इससे विशेषकर मातृशक्ति और बुजुर्गों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि श्रमिक कार्ड के माध्यम से पात्र श्रमिक परिवारों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। ऐसे में कार्ड बनवाने और सत्यापन की प्रक्रिया को सरल एवं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। दूरस्थ गांवों से लोग समय और पैसा खर्च कर जिला मुख्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन कार्यालय में बढ़ती भीड़ के कारण उन्हें घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
श्रम विभाग की ओर से जिले में कुछ सीएससी केंद्रों को श्रमिक कार्ड से संबंधित कार्य के लिए अधिकृत किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि सीएससी केंद्र पर आवेदन करने के बाद भी कई मामलों में रसीद लेकर श्रम विभाग कार्यालय पहुंचना पड़ता है। इसके चलते जिला मुख्यालय आने वाले लोगों की संख्या कम होने के बजाय लगातार बढ़ रही है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य नरेंद्र बिष्ट ने जिलाधिकारी और श्रम प्रवर्तन अधिकारी से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग के कर्मचारियों के साथ अन्य संबंधित विभागों के कर्मचारियों को जिम्मेदारी देकर विकासखंडवार और क्षेत्रवार कैंप लगाए जाने चाहिए। इन कैंपों में आवेदन, सत्यापन और श्रमिक कार्ड से जुड़ी अन्य समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाए, ताकि ग्रामीणों को बार-बार जिला मुख्यालय की दौड़ न लगानी पड़े।
उन्होंने कहा कि श्रमिक कार्ड महज एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि पात्र श्रमिक परिवारों के लिए सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों या जिला मुख्यालय पर बढ़ती भीड़ के कारण कोई भी पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए।
नरेंद्र बिष्ट ने प्रशासन से श्रमिक कार्ड से संबंधित कार्यों के लिए स्थायी और विकेंद्रीकृत व्यवस्था विकसित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि आवेदन और सत्यापन की सुविधा गांव एवं विकासखंड स्तर तक उपलब्ध कराई जाए तो ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी और जिला मुख्यालय पर भीड़ का दबाव भी कम होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम छोर पर खड़े पात्र व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है। ऐसे में श्रमिक कार्ड की प्रक्रिया भी उसी भावना के अनुरूप सरल और सुलभ होनी चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी और श्रम विभाग से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि समय रहते व्यवस्था का विकेंद्रीकरण नहीं किया गया तो बढ़ती भीड़ के बीच ग्रामीणों की परेशानी और अव्यवस्था दोनों बढ़ सकती हैं।