May 30, 2026

केदारनाथ यात्रा में प्रसाद व्यवस्था को नई मजबूती, स्थानीय महिलाओं को मिला रोजगार का बड़ा अवसर,

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ग्रामोत्थान परियोजना की पहल से श्रद्धालुओं को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण प्रसाद, महिला स्वयं सहायता समूहों को मिला स्वरोजगार का नया आधार,

 

 

रोहित डिमरी 

रूद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम यात्रा में इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बीच यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। ग्रामोत्थान परियोजना (रीप) रुद्रप्रयाग द्वारा स्थानीय उद्यम केदारेश्वर एंटरप्राइजेज के साथ रणनीतिक अनुबंध कर प्रसाद वितरण व्यवस्था को संगठित और गुणवत्तापूर्ण स्वरूप देने का कार्य शुरू किया गया है। इस पहल से जहां बाबा केदार के दर्शनार्थियों को बेहतर गुणवत्ता वाला प्रसाद उपलब्ध होगा, वहीं स्थानीय महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।

ग्रामोत्थान परियोजना द्वारा इस योजना को सफल बनाने के लिए केदारेश्वर एंटरप्राइजेज को ₹5 लाख की परियोजना सहायता प्रदान की गई है। यह आर्थिक सहयोग केवल एक व्यावसायिक गतिविधि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को स्थानीय आजीविका से जोड़ते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। योजना के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि केदारनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाले प्रसाद उत्पाद उपलब्ध हो सकें।

इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष महिला सशक्तिकरण है। परियोजना से जुड़े जय स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रसाद पैकेजिंग और संबंधित कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। महिलाएं आधुनिक एवं आकर्षक पैकेजिंग के माध्यम से प्रसाद तैयार कर रही हैं, जिससे उन्हें नियमित आय का स्रोत प्राप्त हो रहा है। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा।

केदारेश्वर एंटरप्राइजेज द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से तैयार पंचमेवा, ड्राई फ्रूट्स, पूजन सामग्री तथा श्री केदारनाथ मंदिर से जुड़े स्मृति चिन्ह (सॉविनियर) आकर्षक और पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन उत्पादों की गुणवत्ता और प्रस्तुति पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि श्रद्धालु अपने साथ केदारनाथ धाम की पवित्र स्मृतियों को सुरक्षित रूप से ले जा सकें।

 मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र रावत का मानना है कि यह पहल धार्मिक पर्यटन और स्थानीय विकास के सफल समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बन सकती है। एक ओर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। इससे केदारनाथ यात्रा से जुड़े आर्थिक लाभ सीधे ग्रामीण समुदाय तक पहुंच रहे हैं।

ग्रामोत्थान परियोजना की यह पहल राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार संवर्धन और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की नीति को भी मजबूती प्रदान करती है। आने वाले समय में इस मॉडल को अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर भी लागू किए जाने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसाद उपलब्ध कराने, स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाने और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रही है। इससे न केवल बाबा केदार के भक्तों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी, बल्कि रुद्रप्रयाग जनपद की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा और स्थायित्व प्राप्त होगा।