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शीतकाल के लिए बंद हुए तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट, 8 नवंबर को मक्कूमठ पहुंचेगी बाबा की उत्सव डोली

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रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट आज वैदिक मंत्रोच्चारण और धार्मिक परंपराओं के बीच शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। कपाट बंद होने के बाद बाबा तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ के लिए रवाना हो गई है। आज डोली चोपता में रात्रि विश्राम करेगी। इसके बाद विभिन्न यात्रा पड़ावों से होते हुए 8 नवंबर को मक्कूमठ पहुंचेगी। जहां आगामी शीतकाल में श्रद्धालु बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर सकेंगे।

 

हिमालय की सुरम्य वादियों में स्थित तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट आज शीतकाल के लिए विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए। इस दौरान मंदिर परिसर बाबा के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चारण से गुंजायमान रहा। कपाट बंद होने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ के लिए रवाना हुई।

 

परंपरा के अनुसार डोली आज चोपता में रात्रि विश्राम करेगी। इसके बाद निर्धारित यात्रा पड़ावों से होते हुए आगे बढ़ेगी। इस दौरान विभिन्न पड़ावों पर श्रद्धालु बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। 8 नवंबर को डोली मक्कूमठ पहुंचेगी, जहां विधि-विधान के साथ भगवान तुंगनाथ की शीतकालीन पूजा-अर्चना शुरू होगी।

इसके साथ ही अब आगामी शीतकाल में श्रद्धालु मक्कूमठ स्थित मंदिर में ही बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर सकेंगे।