विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर अगस्त्यमुनि में कार्यक्रम, दिवंगतों को दी श्रद्धांजलि,
रुद्रप्रयाग। देश के विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले लाखों लोगों की स्मृति में शुक्रवार को अगस्त्यमुनि स्थित क्रौंच हिल्स होटल में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभाजन के दौरान दिवंगत हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को याद किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि 15 अगस्त को देश स्वतंत्रता का उत्सव मनाता है, लेकिन 14 अगस्त का दिन हमें उस दर्दनाक दौर की याद दिलाता है, जब देश का विभाजन हुआ था। विभाजन के दौरान लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर विस्थापित होना पड़ा और बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जान गंवाई।
उन्होंने कहा कि देश का विभाजन पिछली शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक था। इसी पीड़ा और विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति को जीवंत रखने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में प्रत्येक वर्ष 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि विभाजन की भयावह घटनाओं के प्रत्यक्षदर्शी अब सीमित संख्या में रह गए हैं। ऐसे में नई पीढ़ी को इतिहास के इस काले अध्याय से अवगत कराना आवश्यक है।
विधायक ने कहा कि वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान साम्प्रदायिक हिंसा, अफरा-तफरी और विस्थापन ने करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित किया। लाखों लोगों ने अपने प्राण गंवाए और बड़ी संख्या में लोगों को अपनी जमीन, घर और पुश्तैनी ठिकाने छोड़ने पड़े। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी से मिली सबसे बड़ी सीख देश की एकता और अखंडता को और मजबूत करना है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट ने की। उन्होंने कहा कि विभाजन ने लोगों को सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और मानसिक रूप से गहरा आघात पहुंचाया। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि देने का अवसर है, जिन्होंने विभाजन की त्रासदी में अपने प्राण गंवाए। साथ ही इस अवसर पर भेदभाव, वैमनस्य और दुर्भावना को समाप्त कर सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए।
राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, राज्य मंत्री एवं प्रवासी उत्तराखंड परिषद के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश भट्ट तथा पूर्व जिलाध्यक्ष शकुंतला जगवाण ने कहा कि देश ने आजादी के साथ विभाजन की पीड़ा भी झेली। उन्होंने कहा कि इतिहास की इस त्रासदी से सीख लेकर समाज में आपसी भाईचारा, सौहार्द और एकता कायम रखना आज के समय की आवश्यकता है। विभाजन की विभीषिका के बावजूद भारत ने एकजुट और सशक्त राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने का संकल्प कायम रखा। देश की एकता और अखंडता को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान विभाजन की त्रासदी में दिवंगत हुए लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उपस्थित लोगों ने राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक अरुण चमोली, जिला महामंत्री राय सिंह राणा, जिला उपाध्यक्ष विनोद देवशाली, पार्वती गोस्वामी, अनिल कोठियाल, पूर्व जिला महामंत्री अनूप सेमवाल, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुमन जमलोकी, जिला पंचायत सदस्य अमित मैखंडी, सरोज राणा, भारतीय जनता युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष आशीष कंडारी, सतीश गोस्वामी, यशबीर चौहान, दर्शनी पंवार, सुषमा देवी, अर्चना चमोली, मनोज राणा सहित सभी मंडल अध्यक्ष एवं जिला और मंडल पदाधिकारी मौजूद रहे।