Feb 15, 2026

22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट, ओंकारेश्वर मंदिर में हुई तिथि घोषणा, शीतकालीन यात्रा ने तोड़ा रिकॉर्ड, रावल परंपरा विवाद भी गरमाया,

post-img

ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में अग्रणी हिमालय की गोद में स्थित केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि पर्व पर शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में पंचांग गणना के अनुसार घोषित कर दी गई है।

घोषणा के अनुसार भगवान केदारनाथ के कपाट आगामी 22 अप्रैल प्रातः 8 बजे वृष लग्न में विधि-विधान के साथ ग्रीष्मकालीन दर्शनार्थ खोले जाएंगे। कपाट उद्घाटन से पूर्व धार्मिक परंपराओं का क्रम निर्धारित किया गया है।

18 अप्रैल को केदारपुरी के क्षेत्र रक्षक भैरवनाथ की पूजा शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में सम्पन्न होगी। लोकमान्यताओं के अनुसार भैरव पूजन के बाद भैरवनाथ केदारपुरी की ओर प्रस्थान करते हैं।

19 अप्रैल को भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली ओंकारेश्वर मंदिर से भक्तों के जयकारों और सेना के बैंड की मधुर धुनों के साथ केदारनाथ के लिए रवाना होगी। डोली यात्रा गुप्तकाशी, नाला, नारायणकोटी और मैखंडा होते हुए प्रथम रात्रि प्रवास फाटा में करेगी।

20 अप्रैल को डोली फाटा से शेरसी, बड़ासू, रामपुर, सीतापुर और सोनप्रयाग होते हुए गौरीकुंड पहुंचेगी, जहां गौरीमाई मंदिर में रात्रि विश्राम होगा। 21 अप्रैल को डोली गौरीकुंड से जंगलचट्टी, भीमबली और लिनचोली होते हुए केदारनाथ धाम पहुंचेगी तथा भंडारगृह में विराजमान होगी। 22 अप्रैल को प्रातः 8 बजे वृष लग्न में वैदिक मंत्रोच्चार और “जय शंकर, जय केदार” के उद्घोष के साथ कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।

महाशिवरात्रि के अवसर पर ओंकारेश्वर मंदिर में विभिन्न शहरों से आए दानदाताओं द्वारा भंडारे का आयोजन भी किया गया। कपाट तिथि घोषणा के अवसर पर बद्री-केदार मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि आगामी यात्रा सीजन में केदारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।

इस मौके पर रावल भीमाशंकर लिंग, विधायक आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत, क्षेत्र पंचायत प्रमुख पंकज शुक्ला सहित मंदिर समिति के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, हक-हकूकधारी और सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

 

 

एम.टी. गंगाधर होंगे केदारनाथ के प्रधान पुजारी,,

ऊखीमठ। मंदिर समिति ने वर्ष 2026 की यात्रा के लिए विभिन्न धामों में प्रधान पुजारियों की नियुक्ति की घोषणा की है। एम.टी. गंगाधर लिंग को केदारनाथ धाम का प्रधान पुजारी नियुक्त किया गया है। शिव शंकर लिंग को मदमहेश्वर धाम, शान्त लिंग को विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी, शिव लिंग को ओंकारेश्वर मंदिर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बागेश लिंग को अतिरिक्त प्रधान पुजारी नियुक्त किया गया है।

 

 

शीतकालीन यात्रा में रिकॉर्ड वृद्धि,,

 

ऊखीमठ।  शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में इस वर्ष कुल 23,484 श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक किया।

मंदिर प्रभारी यदुवीर पुष्वाण के अनुसार: 13,805 पुरुष, 8,326 महिलाएं, 1,840 नौनिहाल एवं 23 विदेशी श्रद्धालु  ने दर्शन कर विश्व समृद्धि की कामना की। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 15,415 तक सीमित था, जिससे इस बार उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

 

 

 रावल पर परंपराओं से खिलवाड़ का आरोप

 

ऊखीमठ। केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग द्वारा महाराष्ट्र के नांदेड़ में अपने उत्तराधिकारी की घोषणा किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। बद्री-केदार मंदिर समिति के पूर्व सदस्य जगदीश प्रसाद भट्ट और हक-हकूकधारियों ने आरोप लगाया है कि परंपरा के अनुसार ऐसा निर्णय शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में होना चाहिए था। उनका कहना है कि मंदिर समिति और हक-हकूकधारियों को विश्वास में लिए बिना नांदेड़ में घोषणा करना धार्मिक परंपराओं के विपरीत है।

महाशिवरात्रि पर आयोजित बैठक में इस मुद्दे को लेकर रावल और हक-हकूकधारियों के बीच कहासुनी की भी चर्चा सामने आई है।