20 निक्षय मरीजों को वितरित की गईं पोषण किट
रुद्रप्रयाग। जिले में नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और निवारणीय अंधता की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। रामकृष्ण मिशन आश्रम एवं विवेकानंद नेत्रालय, देहरादून की ओर से भारतीय कृषि बीमा कंपनी (एआईसी) के सहयोग से रुद्रप्रयाग जिले के दस गांवों को राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत निवारणीय अंधता मुक्त ग्राम घोषित किया गया। इस अवसर पर संबंधित गांवों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए और ग्रामीणों को जागरूक करने के उद्देश्य से सूचना बोर्ड भी स्थापित किए गए।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारुल गोयल ने संबंधित गांवों को निवारणीय अंधता मुक्त ग्राम घोषित किए जाने के प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, नेत्र रोगों की समय पर पहचान करने और जरूरतमंद मरीजों को उचित उपचार उपलब्ध कराने के महत्व पर जोर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सीमा जगदीश टेकचंदानी उपस्थित रहीं। इसके अलावा भारतीय कृषि बीमा कंपनी के सहायक प्रबंधक शुभम जौहरी, रामकृष्ण मिशन आश्रम, देहरादून के सचिव स्वामी असिमात्मानंद जी महाराज, जिला निक्षय कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कुणाल चौधरी और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राकेश नौटियाल सहित विवेकानंद नेत्रालय की टीम, ग्राम प्रधान, आशा कार्यकर्ता एवं अन्य प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
इस पहल के अंतर्गत मेदनपुर, ग्वाड, पोखरसारी, नारी, सतेरा, खतेण, तमिंड, पीड़ा, ग्वाड थापाली और चौकी गांवों को निवारणीय अंधता मुक्त ग्राम घोषित किया गया। इन गांवों में नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, दृष्टि संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान करने और जरूरतमंद लोगों को उपचार सेवाओं से जोड़ने के लिए प्रयास किए गए।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना, दृष्टि संबंधी समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक करना और समय पर उपचार के माध्यम से रोकी जा सकने वाली अंधता के मामलों को कम करना है। गांवों में प्रमाण पत्र और सूचना बोर्ड स्थापित होने से नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक स्वास्थ्य सेवा के तहत 20 निक्षय मरीजों को पोषण किट भी वितरित की गईं। इस पहल का उद्देश्य उपचाराधीन मरीजों को पोषण संबंधी सहायता उपलब्ध कराना और उनके स्वास्थ्य लाभ में सहयोग करना है। उपस्थित अतिथियों ने मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
कार्यक्रम में शामिल प्रतिनिधियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, निवारणीय अंधता की रोकथाम और जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखने पर जोर दिया। जिले के दस गांवों को निवारणीय अंधता मुक्त ग्राम घोषित किए जाने को ग्रामीण स्वास्थ्य जागरूकता और दृष्टि संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

