May 05, 2026

बुजुर्गों के लिए बेहतर कल का वादा राष्ट्रीय वयोश्री योजना के उपकरण प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र में

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देहरादून। दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ी पहल की है। राजधानी स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान के परिसर में 'प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र' की शुरुआत की गई है। इस केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ दिव्यांगों और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को उनकी जरूरत के सहायक उपकरण प्राप्त करने के लिए कहीं और भटकना नहीं पड़ेगा। भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम के सहयोग से अब सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध करा दी गई हैं।

अक्सर देखा गया है कि दिव्यांगजनों को उपकरणों के लिए लंबी प्रक्रियाओं और अलग-अलग दफ्तरों से गुजरना पड़ता था। प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र ने इस बाधा को दूर कर दिया है। यहाँ पंजीकरण, नैदानिक मूल्यांकन, विशेषज्ञ परामर्श और उपकरणों का वितरण ये सभी चरण एक ही स्थान पर पूरे किए जा रहे हैं। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को होने वाली असुविधा भी समाप्त हो गई है। केंद्र पर आधुनिक तकनीक का समावेश किया गया है। यहाँ पारंपरिक उपकरणों के साथ-साथ 3डी प्रिंटेड कृत्रिम अंग भी प्रदान किए जा रहे हैं, जो वजन में हल्के और अधिक आरामदायक होते हैं।मोटराइज्ड ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, वॉकर और कैलिपर्स। सुनने की समस्या से जूझ रहे बुजुर्गों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले श्रवण यंत्र  भी उपलब्ध हैं। इस केंद्र पर दो प्रमुख योजनाओं के माध्यम से लाभ पहुँचाया जा रहा है। इसके तहत सभी आयु वर्ग के पात्र दिव्यांगजनों को निःशुल्क सहायक उपकरण दिए जाते हैं। इस योजना के अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक उम्र के उन वरिष्ठ नागरिकों को लाभ मिलता है, जो उम्र से संबंधित शारीरिक अक्षमता का सामना कर रहे हैं। संस्थान के अधिकारियों के अनुसार, इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को आत्मनिर्भर बनाना है। आधुनिक उपकरणों की मदद से वे न केवल अपनी दैनिक गतिविधियों को आसानी से कर सकेंगे, बल्कि समाज की मुख्यधारा से भी जुड़ सकेंगे। यदि आप या आपके आसपास कोई जरूरतमंद है, तो वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ संस्थान परिसर स्थित इस केंद्र पर संपर्क कर सकते हैं।