May 11, 2026

मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में एमएलसी प्रक्रिया हुई डिजिटल, अब ऑनलाइन मिलेगी रिपोर्ट

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श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के बेस अस्पताल में मेडिको-लीगल केस (एमएलसी) प्रक्रिया को अब पूरी तरह डिजिटल बना दिया गया है। MedLEaPR-Uttarakhand प्रणाली के तहत मरीजों और उनके परिजनों को एमएलसी रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही हाथ से लिखी जाने वाली रिपोर्टों की जगह अब कंप्यूटरीकृत और स्पष्ट डिजिटल रिपोर्ट मिलेगी।

 

बेस अस्पताल प्रदेश का पहला राजकीय अस्पताल बन गया है, जहां जनता की सुविधा के लिए एमएलसी से जुड़ी डिजिटल व्यवस्था शुरू की गई है। अस्पताल में प्रतिदिन सड़क दुर्घटना, मारपीट, जानवरों के हमले, विषाक्त पदार्थ सेवन, पानी में डूबने और अन्य आपराधिक घटनाओं से जुड़े कई मामले आते हैं। ऐसे मामलों में एमएलसी रिपोर्ट इलाज के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में उपयोग की जाती है।

 

अब तक डॉक्टरों को एमएलसी रजिस्टर में रिपोर्ट हाथ से दर्ज करनी पड़ती थी, लेकिन नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने से पूरी प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक हो जाएगी। इससे रिपोर्ट पढ़ने में आसानी होगी और दस्तावेजों की सुरक्षित उपलब्धता भी सुनिश्चित हो सकेगी।

 

नई प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पीजी कर रहे जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एमएलसी रिपोर्ट तैयार करने, अपलोड करने और सुरक्षित तरीके से साझा करने की प्रक्रिया सिखाई जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इससे कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित होगी और त्रुटियों की संभावना भी कम होगी।

 

फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. वल्लियप्पन और सीनियर रेजिडेंट डॉ. पंकज शाहू ने बताया कि ऑनलाइन एमएलसी रिपोर्ट बनने से लोगों को स्पष्ट और पढ़ने में आसान दस्तावेज मिलेंगे। उन्होंने कहा कि विभाग इस नई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने में जुटा हुआ है।

 

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि एमएलसी रिपोर्ट मरीजों और उनके परिजनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज होती है। डिजिटल व्यवस्था लागू होने से यह प्रक्रिया अब अधिक सरल, पारदर्शी और तेज हो गई है। उन्होंने कहा कि 1 मई से यह प्रणाली सुरक्षित एवं सुचारू रूप से संचालित की जा रही है और भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक डिजिटल एवं जनहितकारी बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जाएगा।