Jun 09, 2026

एनडीआरएफ-एसडीआरएफ ने छात्रों को सिखाए आपदा प्रबंधन के गुर, पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

post-img

रुद्रप्रयाग। चारधाम यात्रा मार्ग के संवेदनशील हिमालयी क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा प्रतिवादन बल की टीमों ने आपदा जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से त्रियुगीनारायण इंटर कॉलेज में स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम एवं पौधारोपण अभियान आयोजित किया।

 

कार्यक्रम का संचालन एनडीआरएफ यूनिट के कमांडेंट के निर्देशन में किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं स्थानीय समुदाय को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक एवं प्रशिक्षित करना रहा।

 

कार्यक्रम के दौरान एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने विद्यार्थियों को आपदा के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों और जीवन रक्षक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में सीपीआर, एफबीएओ, बीएलएस, ब्लीडिंग कंट्रोल तथा इम्प्रोवाइज्ड फ्लोटिंग डिवाइस के उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही भूकंप, भूस्खलन और आकस्मिक बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान क्या करें और क्या न करें, इस संबंध में भी विस्तृत जानकारी साझा की गई। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रशिक्षण में भाग लेते हुए आपदा प्रबंधन की महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

 

इसके उपरांत विद्यालय की प्रधानाचार्या, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान देवदार, बुरांश, तेजपत्ता, टूना, आंवला, रोबानिया एवं रीठा सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं “हरित उत्तराखंड” का संदेश दिया गया।

 

अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए आपदा जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की “ग्रीन इनिशिएटिव” गतिविधियां न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होंगी, बल्कि स्थानीय समुदायों को आपदाओं से निपटने के लिए अधिक सक्षम और जागरूक भी बनाएंगी।

 

कार्यक्रम में एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ के अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यालय परिवार तथा स्थानीय लोगों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के सफल आयोजन से विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों में आपदा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक संदेश पहुंचा।