रुद्रप्रयाग। जनपद में बाल विवाह जैसी गंभीर कुप्रथा पर प्रशासन ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए एक अहम हस्तक्षेप किया है। चाइल्ड हेल्पलाइन को मिली सूचना के आधार पर जखोली ब्लॉक के त्यूंखर गांव में दो नाबालिग बालिकाओं का विवाह कराए जाने की तैयारी को समय रहते रोक दिया गया।
सूचना मिलते ही जिला कार्यक्रम एवं प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा के निर्देशन में एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम में बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी जखोली गोल्डी सिंह, बाल कल्याण समिति सदस्य गीता मलासी, चाइल्ड हेल्पलाइन के केस वर्कर अखिलेश सिंह, काउंसलर पूजा भंडारी के साथ जखोली चैकी प्रभारी सोमवीर सिंह एवं पुलिस टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।
टीम मौके पर पहुंची और परिजनों से बातचीत कर उन्हें बाल विवाह के कानूनी परिणामों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह कानूनन दंडनीय अपराध है, जिसमें दोषी पाए जाने पर 2 वर्ष तक की सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। साथ ही यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) के तहत भी ऐसे मामलों में कड़े प्रावधान लागू हैं।
प्रशासन की सख्त चेतावनी और समझाइश के बाद परिजनों ने बाल विवाह न करने का आश्वासन दिया। इस कार्रवाई से एक बार फिर यह संदेश गया है कि जनपद में बाल अधिकारों के संरक्षण को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि कहीं भी बाल विवाह जैसी गतिविधि की सूचना तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।