Aug 02, 2026

रुद्रप्रयाग में 'प्रोजेक्ट स्नेह' का शुभारंभ, अब हर बालिका को मिलेगा सुरक्षित संवाद और करियर मार्गदर्शन, डीएम विशाल मिश्रा की पहल, स्कूलों से लेकर ग्राम पंचायतों तक चलेगा अभियान,

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रुद्रप्रयाग। किशोरियों और बालिकाओं को सुरक्षित, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने की दिशा में रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अभिनव पहल 'प्रोजेक्ट स्नेह' का शनिवार को विकासखंड सभागार अगस्त्यमुनि में भव्य शुभारंभ किया गया। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत आयोजित एक दिवसीय अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यशाला में जिले के सरकारी, अशासकीय और निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि कई बार किशोरियां संकोच, भय या विश्वास की कमी के कारण अपनी समस्याएं परिजनों अथवा शिक्षकों से साझा नहीं कर पाती हैं। ऐसे में 'प्रोजेक्ट स्नेह' उन्हें ऐसा सुरक्षित और भरोसेमंद मंच उपलब्ध कराएगा, जहां वे बिना किसी डर के अपनी बात रख सकेंगी और विशेषज्ञों से काउंसलिंग व मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगी।

उन्होंने बताया कि अभियान के तहत बालिकाओं को करियर काउंसलिंग, व्यक्तित्व विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, मानसिक स्वास्थ्य, किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलाव, स्वास्थ्य एवं पोषण, महिला एवं बाल अधिकार, बाल विवाह निषेध, साइबर सुरक्षा, गुड टच-बैड टच और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को किशोर मनोविज्ञान, संवाद कौशल, प्रभावी काउंसलिंग, बाल संरक्षण, गोपनीयता बनाए रखने, साइबर अपराधों से बचाव और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया। विद्यालयों में बालिकाओं के लिए विश्वास और संवेदनशीलता का वातावरण विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

डीएम ने बताया कि अभियान के संचालन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग और बाल कल्याण समिति सहित विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम गठित की जाएगी। यह टीम जिले के सभी विद्यालयों और स्नातकोत्तर महाविद्यालयों में पहुंचकर बालिकाओं से संवाद करेगी, उनकी समस्याएं गोपनीय तरीके से सुनेगी और आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों के समन्वय से समाधान सुनिश्चित करेगी।

उन्होंने बताया कि अभियान तीन चरणों में संचालित होगा। पहले चरण में विद्यालयों और महाविद्यालयों में संवाद एवं काउंसलिंग होगी। दूसरे चरण में प्राप्त समस्याओं का विश्लेषण कर समाधान की रणनीति बनाई जाएगी। तीसरे चरण में अभियान का विस्तार ग्राम पंचायत और विकासखंड स्तर तक किया जाएगा, ताकि जिले की अधिक से अधिक बालिकाएं इससे लाभान्वित हो सकें।

जिलाधिकारी ने कहा कि "प्रोजेक्ट स्नेह केवल जागरूकता अभियान नहीं, बल्कि बालिकाओं के विश्वास, सुरक्षा और आत्मसम्मान को मजबूत करने का प्रयास है। हमारा लक्ष्य है कि जिले की कोई भी बालिका स्वयं को अकेला या असुरक्षित महसूस न करे और उसे समय पर उचित मार्गदर्शन मिल सके।"

कार्यशाला के दौरान जिलाधिकारी के 'एक पुस्तक दान करें, ज्ञान का वृक्ष लगाएं' अभियान को भी व्यापक समर्थन मिला। विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने 140 पुस्तकें भेंट कीं। मुख्यमंत्री की ओर से 150 पुस्तकें दान किए जाने के बाद अभियान के तहत अब तक करीब 500 पुस्तकें एकत्र हो चुकी हैं। जिला प्रशासन ने एक हजार पुस्तकों का लक्ष्य रखा है।

कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, एसीएमओ डॉ. सीमा टेकचंदानी, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश मिश्रा, मुख्य शिक्षा अधिकारी अजय कुमार चौधरी, खंड विकास अधिकारी अगस्त्यमुनि सुरेश शाह, खंड विकास अधिकारी ऊखीमठ अनुष्का, वन स्टॉप सेंटर प्रभारी रंजना गैरोला भट्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं शिक्षक मौजूद रहे।