संवेदनशील स्थलों की पहचान, त्वरित सुधार कार्यों के निर्देश,, यात्रियों को मिलेगा सुरक्षित और सुव्यवस्थित यात्रा अनुभव,,
रूद्रप्रयाग। आगामी केदारनाथ धाम यात्रा 2026 को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने की दिशा में जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। जिलाधिकारी प्रतीक जैन के निर्देश पर 7 एवं 8 फरवरी को केदारनाथ यात्रा मार्ग का विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का उद्देश्य यात्रा मार्ग की वास्तविक स्थिति का आंकलन कर समय रहते जरूरी सुधारात्मक कार्य सुनिश्चित करना रहा।
संयुक्त निरीक्षण दल में उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत, तहसीलदार ऊखीमठ, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार, अधिशासी अभियंता निर्माण खण्ड गुप्तकाशी सहित राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत वितरण, जल संस्थान, स्वास्थ्य, पुलिस, वन विभाग, पशुपालन, नगर पंचायत, बद्रीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति, जिला पंचायत, जीएमवीएन एवं सुलभ इंटरनेशनल सहित तमाम विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों में ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला एवं प्रधान प्रतिनिधि गौरीकुंड ने भी निरीक्षण में सहभागिता निभाई।
निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित संवेदनशील एवं संभावित जोखिम वाले स्थलों का चिन्हीकरण किया गया। सहायक अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग पीडब्ल्यूडी को आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। गौरीकुंड स्थित तप्तकुंड क्षेत्र में चेंजिंग रूम, सुधारीकरण कार्य एवं मार्ग की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण करते हुए अधिशासी अभियंता निर्माण खण्ड गुप्तकाशी को त्वरित एस्टीमेट तैयार कर कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया।
गौरीकुंड से श्री केदारनाथ धाम तक पैदल मार्ग पर यात्रियों के लिए खतरा बने जर्जर एवं जोखिमपूर्ण वृक्षों का पातन जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं डीडीआरएफ की मदद से किया गया। अधिकारियों ने पैदल मार्ग पर छोटी लिनचोली तक ट्रैक कर प्रत्येक विभाग से जुड़ी व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया और आवश्यक बिंदुओं को चिन्हित करते हुए कार्ययोजना तैयार की।
प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि संयुक्त निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट तीन दिवसों के भीतर यात्रा सेल को प्रेषित कर सुधारात्मक कार्यों पर तुरंत अमल सुनिश्चित किया जाए। जिला प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि केदारनाथ धाम यात्रा 2026 के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें सुरक्षित, सुव्यवस्थित तथा भरोसेमंद यात्रा अनुभव प्राप्त हो।
केदारनाथ यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन की यह सक्रियता साफ संकेत देती है कि इस बार व्यवस्थाओं में कोई चूक नहीं छोड़ी जाएगी।