केवल आधिकारिक पोर्टल से ही करें बुकिंग
रुद्रप्रयाग। विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा के शुरू होने से पहले ही साइबर ठगों ने श्रद्धालुओं को अपना शिकार बनाने के लिए जाल बिछाना शुरू कर दिया है। यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर होने वाली ठगी को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने श्रद्धालुओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। साइबर अपराधियों द्वारा फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया विज्ञापन और व्हाट्सएप मैसेज के माध्यम से लोगों की गाढ़ी कमाई लूटने के प्रयास लगातार सामने आ रहे हैं।
गूगल सर्च और सोशल मीडिया पर प्रायोजित विज्ञापनों का जाल
रुद्रप्रयाग। जानकारी के अनुसार, ठग फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म पर प्रायोजित पोस्ट के जरिए आकर्षक विज्ञापन दिखाकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, जब श्रद्धालु गूगल पर हेलीकॉप्टर बुकिंग सर्च करते हैं, तो सबसे ऊपर दिखाई देने वाले Sponsored लिंक भी कई बार फर्जी होते हैं। इन लिंक पर क्लिक करते ही यूजर्स असली जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइटों पर पहुंच जाते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं।
व्हाट्सएप कॉल और क्यूआर कोड से बचें
रुद्रप्रयाग। साइबर अपराधी व्हाट्सएप कॉल या चैट के माध्यम से वीआईपी कोटे या लास्ट मिनट बुकिंग का दावा करते हुए सीधे पैसे की मांग करते हैं और क्यूआर कोड स्कैन कराने का दबाव बनाते हैं। एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी अधिकृत कंपनी इस प्रकार सीधे पैसे नहीं मांगती है। ठगों ने नामी विमानन कंपनियों जैसे ‘Pawan Hans या Himalayan के नामों से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइटें भी बना रखी हैं।
सुरक्षित यात्रा के लिए इन बातों का रखें ध्यान
रुद्रप्रयाग। केवल आधिकारिक पोर्टलः हेलीकॉप्टर टिकट की बुकिंग केवल और केवल आधिकारिक पोर्टल ीजजचेः//ीमसपलंजतं.पतबजब.बव.पद के माध्यम से ही करें।
यूआरएल की जांचः वेबसाइट का यूआरएल बेहद सावधानीपूर्वक जांचें। ठग असली वेबसाइट से मिलती-जुलती स्पेलिंग (जैसे irctc की जगह ictc आदि) का उपयोग करते हैं।
लालच में न आएंः यदि कोई व्यक्ति फोन कॉल के माध्यम से VIP कोटा“ या “अर्जेंट टिकट“ का लालच देता है, तो उसे तुरंत ब्लॉक करें।
यहां करें शिकायतः
रुद्रप्रयाग। यदि किसी श्रद्धालु के साथ साइबर धोखाधड़ी की घटना होती है, तो वे बिना देरी किए तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल www-cybercrime-gov-in .पर अपनी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।