Apr 28, 2026

केदारनाथ धाम में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब, पहले सप्ताह में ही 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा केदार के दर्शन,

post-img

मजबूत व्यवस्थाओं और प्रशासन की मुस्तैदी से सुचारू रूप से संचालित हो रही यात्रा,

 

रूद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा 2026 इस वर्ष आस्था, उत्साह और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। 22 अप्रैल को कपाट खुलने के साथ ही देश-विदेश से श्रद्धालुओं का जनसैलाब बाबा के धाम में उमड़ पड़ा है। यात्रा प्रारंभ होने के सातवें दिन, मंगलवार को 21,134 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए जिससे एक सप्ताह में बाबा केदारनाथ के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 2,07,452 तक पहुंच गई। यात्रा के प्रथम सप्ताह में ही दो लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं, जो न केवल आस्था की प्रबलता को दर्शाता है, बल्कि प्रशासन द्वारा की गई उत्कृष्ट व्यवस्थाओं का भी प्रमाण है।

जिला प्रशासन द्वारा यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए बहुआयामी तैयारियां की गई हैं। शासन के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग ने यात्रा प्रारंभ होने से कई माह पूर्व ही कार्ययोजना तैयार कर विभिन्न विभागों और हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए व्यवस्थाओं को धरातल पर उतारा है।

यात्रा मार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक मरम्मत कार्य, सड़क पेचवर्क, झाड़ी कटान, साइनेज, क्रैश बैरियर और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए गए हैं। प्रदेश के मा० मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा भी स्वयं रुद्रप्रयाग पहुंचकर ग्राउंड जीरो पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जा चुका है तथा रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक राष्ट्रीय राजमार्ग-107 का स्थलीय जायजा लिया गया था।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा क्षेत्र को 3 सुपर जोन, 17 जोन और 47 सेक्टर में विभाजित किया गया है। ट्रैफिक प्रबंधन हेतु 2 सुपर जोन एवं 4 ट्रैफिक जोन बनाए गए हैं। आपदा प्रबंधन के लिए एसडीआरएफ की 8 टीमें, फायर सर्विस की 7 टीमें, साथ ही एनडीआरएफ, सीएपीएफ, बम निरोधक दस्ता और एंटी टेरर स्क्वॉड को तैनात किया गया है, जिससे किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बावजूद सुनियोजित ढंग से व्यवस्थाएं संचालित की जा रही हैं, टोकन प्रणाली के माध्यम से अल्प समय में श्रद्धालुओं को बाबा के सहज, सुरक्षित एवं सुगम दर्शन संभव हो पा रहे हैं।

इस वर्ष पैदल मार्ग पर संचालित होने वाले घोड़ा-खच्चरों का बीमा अनिवार्य किया गया है। अस्वस्थ या बीमार पशुओं के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है तथा पशु क्रूरता के मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए हैं। विभिन्न स्थानों पर अस्थायी चिकित्सा इकाइयां स्थापित की गई हैं, जहां डॉक्टर, अटेंडेंट, दवाइयां, ऑक्सीजन सिलेंडर और आपातकालीन उपकरण उपलब्ध हैं।

गौरीकुंड से केदारनाथ तक हेल्थ चेकअप सेंटर स्थापित किए गए हैं। गंभीर स्थिति में हेलीकॉप्टर के माध्यम से त्वरित रेस्क्यू की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के बावजूद प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर बर्फ हटाने का कार्य कर पैदल मार्ग को पूरी तरह सुगम बनाया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल रही है।

जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें, पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें तथा आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।

 

 

 

 

“ग्रीन यात्रा” अभियान को मिल रहा व्यापक समर्थन,

रूद्रप्रयाग। 

पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यात्रा को “ग्रीन यात्रा” के रूप में संचालित किया जा रहा है। सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लागू किया गया है तथा कूड़ा प्रबंधन के लिए डस्टबिन एवं कलेक्शन सिस्टम स्थापित किए गए हैं। संपूर्ण यात्रा मार्ग पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है तथा यात्रियों को साफ शौचालय उपलब्ध कराए गए हैं। श्रद्धालुओं को इको फ्रेंडली सामग्री के उपयोग हेतु प्रेरित किया जा रहा है। स्वयंसेवी संस्थाओं एवं प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से जागरूकता अभियान भी चलाये गए है।

 

 

गैस आपूर्ति एवं खाद्य व्यवस्थाएं सुचारू,

रूद्रप्रयाग। 

यात्रा को लेकर होटल एवं भोजनालयों में एलपीजी गैस की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। राज्य सरकार द्वारा केंद्र से अतिरिक्त गैस आपूर्ति की मांग भी की गई है, जिससे किसी प्रकार की कमी न हो।

 

 

वोकल फॉर लोकल: स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रहा बढ़ावा,

रूद्रप्रयाग। 

“वोकल फॉर लोकल” अभियान के तहत स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों, विशेषकर महिलाओं को रोजगार और आय के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है।

 

 

पेयजल, प्रकाश और आधुनिक सुविधाएं,

रूद्रप्रयाग। 

यात्रियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पैदल मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर वाटर एटीएम स्थापित किए गए हैं। गौरीकुंड से केदारनाथ तक पूरे मार्ग पर 600 से अधिक स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं, साथ ही 300 से अधिक सोलर लाइटें भी स्थापित की गई हैं, जिससे रात्रि के समय भी सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो रहा है।