रुद्रप्रयाग।
मेरू पहाड़ फाउंडेशन, दिल्ली द्वारा अगस्त्यमुनि स्थित होटल क्रौंच में उद्यमिता विकास विषयक एक प्रेरणादायी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी शिव सिंह भंडारी ने की। कार्यशाला का उद्देश्य मंदाकिनी घाटी क्षेत्र में उद्यमिता की सोच को विकसित करना तथा स्थानीय युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, स्वामी भावा नंदपुरी महाराज, प्रो. दयाल सिंह पवार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहविभाग संघचालक भजन सिंह खत्री, शिव सिंह भंडारी एवं प्रो. संजय सचान द्वारा भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर पारंपरिक गढ़वाली वेशभूषा में बष्टी सांस्कृतिक टोली ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया।
कार्यशाला में क्षेत्र के सफल उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए नवोदित उद्यमियों को सफलता के गुर बताए। मसाला उत्पादन क्षेत्र में एस.एस. रावत, सामूहिक खेती में विजय सेमवाल, फूड प्रोसेसिंग में राहुल राणा एवं केदारनाथ प्रसाद, डेयरी व्यवसाय में राजेंद्र रौथाण एवं संदीप गोस्वामी, मुर्गी पालन में शिवचरण रौथाण, औषधीय पौधों की खेती में जयप्रकाश सेमवाल एवं राहुल नेगी, फल, सब्जी एवं पुष्प उत्पादन में रविंद्र रावत, दीपा रावत एवं राजेंद्र नेगी तथा मत्स्य पालन के क्षेत्र में सतवीर सिंह रावत एवं मीणा देवी ने अपने संघर्ष और सफलता की प्रेरक कहानियां साझा कीं।
मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने सरकार द्वारा संचालित स्वरोजगार एवं स्वावलंबन से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए युवाओं और महिलाओं से उनका लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सफल उद्यमियों के अनुभवों से सीख लेकर नए उद्यमी भी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मण सिंह ने किया। उन्होंने बताया कि मेरू पहाड़ फाउंडेशन, दिल्ली उन उत्तराखंडवासियों का संगठन है जो दिल्ली सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में सफल उद्यमी हैं और अपने सहयोग से उत्तराखंड में सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ स्वरोजगार को बढ़ावा देने का कार्य कर रहे हैं।
अध्यक्षीय संबोधन में शिव सिंह भंडारी ने कहा कि "जल, जंगल, जमीन और जवानी पहाड़ के विकास के लिए समर्पित होनी चाहिए।" उन्होंने स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और युवाओं को पलायन रोककर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में सफल उद्यमियों एवं नवोदित उद्यमियों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी अनीता पवार, मुख्य कृषि अधिकारी लोकेन्द्र बिष्ट, जिला उद्यान अधिकारी आर.पी. जसोला, प्रो. सारिका, मयंक पाल, जगंबा सेमवाल, अरविंद, सहदेव पुंडीर, पृथ्वी सिंह, अजय नेगी, हर्षवर्धन बिष्ट सहित बड़ी संख्या में महिलाओं एवं युवाओं ने प्रतिभाग कर उद्यमशील बनने का संकल्प लिया।