रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध तृतीय केदार तुंगनाथ धाम यात्रा मार्ग पर एक तीर्थयात्री और घोड़ा-खच्चर संचालक के बीच हुए विवाद के बाद मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि हरियाणा के यमुनानगर निवासी एक युवक ने घोड़ा-खच्चर संचालक के साथ मारपीट करते हुए उसके सिर पर हाथ में पहने कड़े से वार कर दिया, जिससे वह घायल हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार को तुंगनाथ यात्रा मार्ग पर किसी बात को लेकर तीर्थयात्री राघव और घोड़ा-खच्चर संचालक के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में विवाद और मारपीट में बदल गई। घटना में संचालक के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त हो गया। लोगों ने आरोपी युवक की तलाश शुरू की और कुछ समय बाद उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। स्थानीय लोगों ने दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उत्तराखंड अपनी धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक मूल्यों और अतिथि सत्कार की परंपरा के लिए देशभर में सम्मानित है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपेक्षा की जाती है कि वे स्थानीय समाज, संस्कृति और धार्मिक स्थलों की मर्यादा का सम्मान करें तथा शांति एवं सौहार्द बनाए रखें।
सामाजिक कार्यकर्ता राजेश नेगी ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि चारधाम यात्रा और अन्य धार्मिक यात्राओं के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा, अभद्र व्यवहार अथवा कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं न केवल स्थानीय लोगों की भावनाओं को आहत करती हैं, बल्कि प्रदेश की छवि और धार्मिक स्थलों की गरिमा को भी प्रभावित करती हैं। प्रशासन को ऐसे मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई कर स्पष्ट संदेश देना चाहिए कि देवभूमि में कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
वहीं, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की गई। आरोपी युवक के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्यवाही अमल में लाई गई है तथा मामले की जांच जारी है।