Mar 01, 2026

रुद्रप्रयाग में रसूखदारों की कटपुतली बनकर रह गया सिस्टम ? दो वर्षों तक टली कार्रवाई, अब बदले सुर!!

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गरीब-सामान्य को दरकिनार कर रसूखदार अतिक्रमणकारियों को बचाने में जुटा एनएच विभाग और तहसील प्रशासन,

 

केदारनाथ हाईवे के तिलवाड़ा में अतिक्रमण को लेकर भेदभाव का दिख रहा पूरा असर,

 

कमर्शियल भवन दिखाकर पहले दिया लाखों-करोड़ों का मुआवजा,

 

अब 14 मीटर का हवाला देकर नहीं हटाया जा रहा अतिक्रमण,

 

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ हाईवे के तिलवाड़ा में अतिक्रमण हटाने को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। पहले एनएच विभाग ने कुछ रसूखदारों को भूमि/भवन का कमर्शियल रेट की दर पर चौगुना मुआवजा दिया और अब 14 मीटर का हवाला देकर उनके अतिक्रमण को बचाया जा रहा है। विभाग ने एक तरफ गरीब और सामान्य लोगां के भवन/जमीन को पूरी तरह उजाड़ दिया, मगर जिन रसूखदारों ने दो सालों से अतिक्रमण नहीं हटाया, उन्हें 14 मीटर की आड़ में बचा लिया है। ऐसे में अब सवाल यही उठ रहे हैं कि क्यों आखिर एनएच विभाग और तहसील प्रशासन रसूखदारों को पनाह दे रहा है?

 

केदारनाथ हाईवे के तिलवाड़ा में अतिक्रमण हटाने को लेकर लम्बे समय से कार्यवाही चल रही है। एनएच विभाग और तहसील प्रशासन की इतनी बड़ी लापरवाही कि जब मुआवजा दिया गया, उस दौरान उन लोगों का अतिक्रमण नहीं हटाया गया। पिछले दो सालों से एनएच विभाग ने यही कहा कि अतिक्रमणकारी अतिक्रमण हटाने को लेकर समय मांग रहे हैं, लेकिन अब जब कार्यवाही शुरू हुई तो एनएच विभाग और तहसील प्रशासन ने रसूखदार अतिक्रमणकारियों को बचाने का पूरा प्रयास कर लिया है। सूत्रों से पता चला है कि एनएच विभाग के एक तथाकथिक कनिष्ठ अभियंता और तहसील प्रशासन के एक तथाकथित अधिकारी मिलकर रसूखदार को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके एवज में लाखों की रकम भी ली जा चुकी है। यहां तक पता चला है कि जब-जब मशीनें अतिक्रमण हटाने को पहुंची तो अतिक्र्रमणकारियों ने अधिकारियों की जेबों को भरने का काम किया है। ऐसे में जिन गरीब और सामान्य लोगों पर पहले ही अतिक्रमण की कार्यवाही की जा चुकी है, वे अब आक्रोश में हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता भगत सिंह चौहान ने कहा कि विभाग को उतनी ही धनराशि को देना था, जितनी भूमि और भवन को अधिग्रहण किया जाना था। 14 मीटर का लॉलीपॉप थमाकर बार-बार गरीब और सामान्य लोगों का अपमान कर रसूखदारों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में रसूखदार अतिक्रमणकारियों के हौंसले बुलंद हैं। उन्होंने कहा कि एनएच विभाग और तहसील प्रशासन की सांठ-गांठ से रसूखदारों से लेन-देन कर बचाया जा रहा है। अतिक्रमण की जमीनी हकीकत कुछ और है और दिखाया कुछ और जा रहा है।

 

बहरहार, अब सवाल यही है कि जब 14 मीटर ही विभाग को लेना था तो अतिक्रमणकारियों को उनकी जमीन/भवन को कमर्शियल जगह दिखाकर चौगुना दाम क्यों दिया गया। एक ओर अतिक्रमणकारियों को पूरे भवन/जमीन का कमर्शियल मुआवजा दिया गया। उसके दो सालों तक एनएच विभाग और तहसील प्रशासन चैन की नींद सोया रहा और जब अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही शुरू हुई तो अतिक्रमण हटाने की जगह रसूखदार अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने का काम किया जा रहा है, जिससे गरीब और असामान्य लोगों पर तेजी से की गई कार्यवाही पर सवाल खड़े होना लाजमी ही है।

 

 

बॉक्स न्यूज

14 मीटर के दायरे वाले अतिक्रमण पर हो रही कार्यवाही : ओंकार,

रुद्रप्रयाग। मामले में एनएच लोनिवि खण्ड के अधिशासी अभियंता ओंकार पाण्डेय ने कहा कि रविवार को एनएच विभाग और तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने तिलवाड़ा बाजार में अतिक्रमण को लेकर निरीक्षण किया। यहां 14 मीटर के दायरे में आने वाले अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए अतिक्रमण को हटाया जा रहा है।