रुद्रप्रयाग। नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण एवं कर्णप्रयाग घटना की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर गुरुवार को रुद्रप्रयाग के गुलाबराय मैदान में आयोजित विशाल जनसभा जनआक्रोश का केंद्र बन गई। मैदान में सैकड़ों की संख्या में पहुंचे युवाओं, महिलाओं और स्थानीय लोगों ने "जय पहाड़, जय पहाड़ी", "निष्पक्ष जांच करो" और "पहाड़ के सम्मान की रक्षा करो" जैसे नारों से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया।
जनसभा में उत्तराखंड क्रांति दल के नेता आशीष नेगी, युवा नेता मोहित डिमरी, सामाजिक कार्यकर्ता त्रिभुवन चौहान तथा अन्य वक्ताओं ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए दोनों घटनाओं की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि यदि न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा।
जनसभा को संबोधित करते हुए उक्रांद नेता आशीष नेगी ने कहा कि "जय पहाड़, जय पहाड़ी" केवल एक नारा नहीं बल्कि पहाड़ की अस्मिता, स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगरासू और कर्णप्रयाग की घटनाओं को आपस में जोड़कर वास्तविक मुद्दों को कमजोर करने का प्रयास किया गया है, जबकि पहाड़वासियों के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता अब जाग चुकी है और अपने सम्मान से जुड़े मुद्दों पर चुप बैठने वाली नहीं है। यदि प्रशासन ने शीघ्र निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की तो ऋषिकेश से लेकर चमोली तक व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।
सामाजिक कार्यकर्ता त्रिभुवन चौहान ने कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति या संगठन का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे पहाड़ के सम्मान और न्याय का प्रश्न है। उन्होंने कहा कि जनता के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।
चौहान ने कहा कि निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी और समाज में विश्वास कायम होगा। उन्होंने जनता से संगठित रहकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।
युवा नेता मोहित डिमरी ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि कानून और संविधान सबके लिए समान हैं। किसी भी प्रकार की अराजकता, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश या कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवा वर्ग न्याय और पारदर्शिता की मांग को लेकर एकजुट है तथा आने वाले समय में आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा।
जनसभा को समर्थन देने पहुंचे नगर पालिका अध्यक्ष संतोष रावत ने कहा कि नगरासू घटना को लेकर पहाड़ की जनता में भारी आक्रोश और असंतोष है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए और प्रशासन को निष्पक्षता के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से अपनी मांगों को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि वह जनता की भावनाओं के साथ खड़े हैं।
जनसभा में उत्तराखंड क्रांति दल के नेता अरुण नेगी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पहाड़ के लोगों की उपेक्षा और सम्मान से जुड़े मामलों को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उसकी बात सुननी चाहिए।
जनसभा के समापन के बाद आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने संकेत दिए कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। सभा में मौजूद लोगों ने भी एक स्वर में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग दोहराई।
गुलाबराय मैदान में आयोजित यह जनसभा न केवल भीड़ के लिहाज से बड़ी रही, बल्कि पहाड़ के सम्मान, न्याय और जनभावनाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर लोगों की एकजुटता का भी बड़ा संदेश देकर गई। पूरे कार्यक्रम के दौरान "जय पहाड़, जय पहाड़ी" के नारे लगातार गूंजते रहे और उपस्थित जनसमूह ने एक स्वर में निष्पक्ष जांच की मांग को दोहराया।