Feb 09, 2026

धनकुराली में जगदी माता महायज्ञ का भव्य शुभारंभ देव डोलियों संग निकली विशाल जल कलश यात्रा, क्षेत्र में उमड़ा आस्था का सैलाब

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रूद्रप्रयाग। नागेंद्र देवता मेला एवं पर्यटन विकास समिति पट्टी लस्या के सौजन्य से धनकुराली में आयोजित तीन दिवसीय जगदी माता महायज्ञ का देव डोलियों के आगमन और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत शुभारंभ हो गया है। महायज्ञ के दूसरे दिन शनिवार को धार्मिक उत्साह अपने चरम पर दिखाई दिया।

दूसरे दिन नागेंद्र देवता, जगदी माता एवं शिव शक्ति की देव डोलियों के साथ नागराजा की छड़ी लेकर महिलाओं ने पीत वस्त्र धारण कर धनकुराली के तौक से जगदी माता मंदिर तक विशाल जल कलश यात्रा निकाली। यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं की भागीदारी से संपूर्ण क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख विनीता चमोली, अति विशिष्ट अतिथि पूर्व ब्लाक प्रमुख जखोली प्रदीप थपलियाल तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कांग्रेस जिला अध्यक्ष रुद्रप्रयाग कुलदीप कंडारी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने भी जल कलश यात्रा में सहभागिता की।

इस अवसर पर पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रदीप थपलियाल ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल हमारी देव आस्थाओं को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि समाज में आपसी सहयोग, सद्भाव और सांस्कृतिक एकता को भी मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने जगदी माता मंदिर परिसर के सौंदर्यकरण को लेकर इंटरलॉकिंग टाइल्स निर्माण का सुझाव दिया, जिस पर ब्लाक प्रमुख विनीता चमोली ने इसे 15वें वित्त आयोग की योजना में सम्मिलित करने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुलदीप कंडारी, ब्लाक अध्यक्ष महावीर पंवार, ज्येष्ठ प्रमुख नवीन सेमवाल, कनिष्ठ प्रमुख राजेंद्र सिंह रावत, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख चैन सिंह पवार, प्रधान संगठन महामंत्री नरेंद्र सिंह चौहान, क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि जयदीप पवार, महिला ब्लाक अध्यक्ष शीला भंडारी, त्रिलोक सिंह रौतेला, विनोद ममगाईं, शूरवीर सिंह बुटोला, विनोद सिंह राणा, गुणानंद चमोली, अमर सिंह राणा, राकेश भट्ट, चंद्रमोहन रतूड़ी, अंकुर सिंह रावत सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

आयोजन समिति के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह मेवाड़, प्रधान धनकुराली सुबेदार नरेंद्र सिंह राणा, रावल नागेंद्र देवता बसंत सिंह राणा, आचार्य राजेश्वर प्रसाद थपलियाल सहित अन्य आचार्यों व ग्रामीणों की उपस्थिति ने आयोजन को और भव्य बना दिया।

महायज्ञ के दौरान क्षेत्र में धार्मिक उल्लास, लोक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं की अनुपम छटा देखने को मिल रही है।