मतदाता सूची शुद्धिकरण में जनसहभागिता का आह्वान, जनगणना और यात्रा प्रबंधन की तैयारियों से कराया अवगत,
रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विशाल मिश्रा ने शनिवार को जिला कार्यालय स्थित एनआईसी सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), आगामी जनगणना की तैयारियों तथा केदारनाथ धाम यात्रा व्यवस्थाओं एवं अद्यतन प्रबंधों की विस्तृत जानकारी साझा की।
जिलाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर उत्तराखंड में निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि 29 मई से 7 जून तक तैयारी, प्रशिक्षण एवं मुद्रण कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। इस अवधि में विभिन्न तहसीलों में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) एवं बीएलओ पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिसमें उन्होंने स्वयं भी प्रतिभाग किया।
उन्होंने बताया कि 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे तथा गणना प्रपत्र भरने का कार्य करेंगे। जनपद में वर्तमान में 362 मतदेय स्थल हैं, जिनके लिए 362 बीएलओ तैनात किए गए हैं। जिलाधिकारी के अनुसार प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 14 जुलाई 2026 को किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई से 13 सितंबर तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा उनका निस्तारण निर्धारित समयावधि में किया जाएगा। अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को होगा।
उन्होंने सभी पात्र नागरिकों एवं मतदाताओं से अपील की कि बीएलओ के घर-घर भ्रमण के दौरान सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराकर इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें, ताकि त्रुटिरहित एवं अद्यतन मतदाता सूची तैयार की जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश की एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी नीतियों तथा प्रभावी प्रशासनिक निर्णयों के निर्माण का आधार बनती है।
उन्होंने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत हाउस लिस्टिंग का कार्य 25 अप्रैल से 24 मई तक सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया गया है। इसके तहत हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों का निर्माण किया गया है तथा जनपद में इस कार्य के लिए 599 प्रगणक एवं पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जनगणना का दूसरा चरण दो भागों में संपन्न होगा। दुर्गम एवं हिमपात प्रभावित क्षेत्रों में यह कार्य सितंबर 2026 में तथा शेष क्षेत्रों में फरवरी 2027 में संचालित किया जाएगा। उन्होंने आमजन से सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराकर जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
11 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा केदार के दर्शन,
रूद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम यात्रा व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रा प्रारंभ होने से पांच जून तक कुल 11,05,676 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि हेली सेवाएं सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं तथा अब तक लगभग 48 हजार श्रद्धालु हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ उठा चुके हैं। वहीं घोड़ा-खच्चर, डंडी एवं कंडी सेवाओं के माध्यम से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुरक्षित रूप से यात्रा कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बीच अस्वस्थ यात्रियों को त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। गंभीर रोगियों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से उच्च चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। अब तक 75 मरीजों का हेली रेस्क्यू किया जा चुका है, जबकि अन्य गंभीर मरीजों को डंडी-कंडी एवं एंबुलेंस के माध्यम से हायर सेंटर भेजा गया है। उन्होंने बताया कि अब तक 1,59,763 श्रद्धालुओं को ओपीडी एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गई हैं तथा 1,10,504 यात्रियों की स्वास्थ्य जांच एवं स्क्रीनिंग की गई है। उन्होंने यात्रियों से यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व स्वास्थ्य परीक्षण कराने तथा चिकित्सकीय परामर्श का पालन करने की अपील की।
यातायात व्यवस्था बनाए रखने को लगातार कार्रवाई,
रूद्रप्रयाग।
जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रा मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस एवं परिवहन विभाग लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। 1 अप्रैल से अब तक परिवहन विभाग द्वारा 1,550 वाहनों के चालान किए गए हैं, जिनसे लगभग 24 लाख रुपये की संयोजन शुल्क (कंपाउंडिंग फीस) वसूल की गई है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों तथा असामाजिक तत्वों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिससे यात्रा मार्गों पर व्यवस्था बनाए रखने में सहायता मिल रही है।
घोड़ा-खच्चर संचालन पर सख्त निगरानी,
रूद्रप्रयाग। जिलाधिकारी ने बताया कि घोड़ा-खच्चर संचालन में पशु क्रूरता एवं अन्य अनियमितताओं के मामलों में अब तक चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। प्रशासन की संयुक्त टीमें गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक लगातार निरीक्षण कर रही हैं। उन्होंने बताया कि स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ ही अवैध डेरों को हटाने की कार्रवाई भी की गई है। नियमों के उल्लंघन एवं अनुचित व्यवहार के मामलों में 200 से अधिक घोड़ा-खच्चर संचालकों को प्रतिबंधित किया गया है। पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
मानसून एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियां पूरी,
रूद्रप्रयाग। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि महत्वपूर्ण हेलीपैडों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में उनका प्रभावी उपयोग किया जा सके।
उन्होंने बताया कि उपजिलाधिकारियों, पुलिस एवं आपदा प्रबंधन विभाग को नियमित निगरानी बनाए रखने तथा अतिक्रमण पाए जाने पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मद्महेश्वर क्षेत्र में आपदा प्रबंधन से संबंधित आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए शासन स्तर पर भी अनुरोध किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि संभावित मानसूनी आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभागों को पूर्व तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जिन मार्गों पर अतिक्रमण किया गया है, उन्हें शीघ्र हटाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई कर
ने के निर्देश दिए गए हैं।