रुद्रप्रयाग। वन विभाग में चार दशक से अधिक समय तक ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश करने वाले उप वन क्षेत्राधिकारी (दक्षिणी रेंज जखोली) किशोर चंद्र नैनवाल शुक्रवार को सेवानिवृत्त हो गए। 40 वर्ष, 2 माह और 14 दिन की लंबी एवं गौरवशाली सेवा यात्रा पूर्ण करने पर विभाग द्वारा उन्हें भव्य विदाई दी गई।
नैनवाल ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1985 में श्रीनगर स्थित जलागम प्रबंधन परियोजना में वन रक्षक के पद से की थी। अपने पूरे कार्यकाल के दौरान उन्होंने मेहनत, सादगी और शालीन व्यवहार से विभाग में एक विशिष्ट पहचान बनाई। पर्यावरण संरक्षण और वन प्रबंधन के क्षेत्र में उनके योगदान को विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। जखोली रेंज कार्यालय में आयोजित विदाई समारोह में अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने नम आंखों से उन्हें विदा किया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने उनके साथ बिताए अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि नैनवाल ने सदैव विभागीय दायित्वों को प्राथमिकता दी और अनुशासन का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।
अपने विदाई संबोधन में किशोर चंद्र नैनवाल भावुक हो उठे। उन्होंने कहा ईमानदारी, जोश और कर्तव्यनिष्ठा ही सफलता की असली कुंजी है। मैं युवा कर्मचारियों से आह्वान करता हूँ कि वे विभाग की गरिमा बनाए रखें और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सदैव समर्पित रहें। समारोह में मुख्य रूप से एसडीओ दिवाकर पंत, रेंज अधिकारी हरीश थपलियाल, सुरेंद्र नेगी, ब्लॉक प्रमुख विनीता देवी, वरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मी प्रसाद डिमरी व भगत चौहान, ग्राम प्रधान पूजा देवी, संतोषी राणा, सतीश भट्ट, बीरेंद्र पंवार, राकेश भट्ट और राजेश चमोली सहित कई स्थानीय प्रतिनिधियों ने उनके स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की।