Apr 14, 2026
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उत्तराखंड में काउंटर-इंटेलिजेंस ऑपरेशन तेज कर दिया गया क्योंकि विक्रांत कश्यप ने नियमित रूप से ट्रांसनेशनल आतंकी संगठनों को सहायता प्रदान करने की बात कबूली

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देहरादून। राजधानी देहरादून के झाझरा क्षेत्र से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी विक्रांत कश्यप के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी पर राजद्रोह के साथ-साथ सरकारी गोपनीयता अधिनियम 1923 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई प्रेमनगर थाने में की गई है।

पुलिस और एसटीएफ की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विक्रांत कश्यप लंबे समय से देश विरोधी गतिविधियों में शामिल था और वह आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान से जुड़ा हुआ था। वह संवेदनशील जानकारियां जुटाकर विदेश में बैठे अपने आकाओं तक पहुंचा रहा था। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के अनुसार, आरोपी ने देहरादून के महत्वपूर्ण संस्थानों, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थानों से संबंधित जानकारी, लोकेशन और वीडियो फुटेज साझा किए थे। यह मामला सुरक्षा की दृष्टि से बेहद गंभीर माना जा रहा है। उत्तराखंड एसटीएफ की इस कार्रवाई के बाद केंद्रीय जांच एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी देहरादून पहुंचकर आरोपी से गहन पूछताछ कर रहे हैं। पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं, जिससे इस नेटवर्क के और भी विस्तार का अंदेशा जताया जा रहा है। जांच एजेंसियां अब आरोपी के संपर्कों, उसके नेटवर्क और फंडिंग के स्रोतों की पड़ताल में जुटी हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और उनकी भूमिका क्या रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। पूरे प्रकरण की बहुस्तरीय जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं। संवेदनशील इलाकों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।