Feb 08, 2026

"सहायक अध्यापक (प्राथमिक) भर्ती मामला: अधिवक्ता विवेक कठैत की प्रभावी पैरवी से माननीय न्यायालय ने दिए दो पद सुरक्षित रखने के आदेश।"

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रुद्रप्रयाग। 

उत्तराखंड में सहायक अध्यापक (प्राथमिक) भर्ती प्रक्रिया को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में एक नया मोड़ आया है।

नियुक्ति में अधिक गुणांक के बावजूद भी नियुक्ति न मिलने के मामले में उच्च न्यायालय नैनीताल ने महत्वपूर्ण फैसला सूनाते हुए याचिकाकर्ता को सीट सुरंक्षित रखने की अंतरिम राहत दी, मामले में अभ्यर्थियों की पैरवी अधिवक्ता विवेक कठैत ने की।

अधिवक्ता विवेक की दमदार पैरवी

सुनवाई के दौरान एडवोकेट विवेक ने न्यायालय के समक्ष तथ्य रखे कि किस प्रकार याचिकाकर्ता भर्ती की सभी अनिवार्य शर्तों को पूरा करते हैं। उन्होंने दलील दी कि यदि वर्तमान चरण में नियुक्तियां पूर्ण हो जाती हैं, तो याचिकाकर्ताओं के अधिकारों का हनन होगा।

 

अभ्यर्थी सिमरन एवं शिवानी की ओर से उच्च न्यायलय में वाद दायर करते हुए कहा था कि सहायक अध्यापक प्राथमिक की भर्ती के लिए पूरे प्रदेश में एक ही दिन काउंसलिंग करवाई गई। उन्होने अल्मोडा जिले के लिए आवेदन किया था। लेकिन वे इस कारण काउंसलिंग में नही पहुंच पायी क्योकि उसी दिन अन्य जनपदों में भी काउंसलिंग थी ओर अल्मोडा जनपद में उदसे कम गुणांक वाले अभ्यर्थियों का चयन किया गया। दोनों अभ्यर्थियों की ओर से अधिवक्ता विवेक कठैत ने दलील करते हुए उच्च न्यायलय में याचना की। काउंसलिंग की अवस्था के कारण अधिक गुणांक वाले वाली अभ्यर्थी को नियुक्ति से वंचित किया जाना उचित नही होगा। उच्च न्यायलय ने मामले में महत्वपूर्ण फैसला सूनाते हुए नियुक्ति अधिकारी को दोनो अभ्यर्थियों के लिए सीट रिक्त रखने के आदेश दिए।