Aug 12, 2026

बेलनी पुल के पुनर्निर्माण पर भड़का आक्रोश, सड़क पर उतरे व्यापारी और स्थानीय लोग

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बेलनी पुल कैंसल करो’ के नारों से गूंजा रुद्रप्रयाग, 28 दुकानदारों व करीब 10 मकान मालिकों की आजीविका पर संकट का दावा,

रुद्रप्रयाग। शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग-107 (पुराना एनएच-109) पर बेलनी में करीब 60 वर्ष पुराने स्टील सेतु के स्थान पर प्रस्तावित नए मोटर सेतु के निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। पुल के पुनर्निर्माण के विरोध में स्थानीय व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों ने जोरदार प्रदर्शन कर ‘बेलनी पुल कैंसल करो’, ‘रोजगार बचाओ, बेलनी पुल बचाओ’ और ‘जनता के हित में फैसला लो’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन से प्रस्तावित निर्माण कार्य रोकने तथा स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की मांग की।

जानकारी के अनुसार वार्षिक योजना 2025-26 के अंतर्गत एनएच-107 के किमी 1.00 बेलनी में पुराने स्टील सेतु के स्थान पर एप्रोच सहित 85.68 मीटर लंबे नए मोटर सेतु का निर्माण प्रस्तावित है। नया पुल पुराने सेतु के अपस्ट्रीम साइड में बनाया जाना है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार से परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है और इसकी स्वीकृत लागत करीब 33.05 करोड़ रुपये है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बेलनी पुल रुद्रप्रयाग का सबसे पुराना महत्वपूर्ण पुल है और वर्तमान में भी पूरी तरह उपयोग में है। ऐसे में इसे तोड़कर नया पुल बनाने की जरूरत पर लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि अलकनंदा नदी पर बेलनी पुल से करीब 200 मीटर के दायरे में नया पुल तथा सुरंग के माध्यम से बदरीनाथ राजमार्ग को जोड़ने वाली परियोजना भी तैयार हो रही है। ऐसे में पुराने पुल को हटाकर दोबारा निर्माण करने का औचित्य स्पष्ट किया जाना चाहिए।

स्थानीय व्यापारियों का दावा है कि प्रस्तावित निर्माण से 28 दुकानदारों का रोजगार प्रभावित होगा, जबकि करीब 10 मकान मालिकों की आजीविका पर भी संकट खड़ा हो सकता है। लोगों का आरोप है कि पुल निर्माण के नाम पर उन्हें व्यापार और घर दोनों से हाथ धोने की स्थिति में पहुंचाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन ऐसी परियोजना स्वीकार नहीं की जाएगी जिससे वर्षों से स्थापित स्थानीय रोजगार और कारोबार प्रभावित हो।

बेलनी सभासद सुरेंद्र रावत ने कहा कि पुराने बेलनी पुल को तोड़कर नया पुल बनाने का प्रस्ताव स्थानीय लोगों के हित में नहीं है। उन्होंने स्थानीय व्यापारियों और प्रभावित लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की मांग की।

स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि बेलनी पुल के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव पहले भी दो बार सामने आ चुका है, लेकिन दोनों बार जनता ने इसका विरोध किया था। इसके बावजूद प्रस्ताव को फिर आगे बढ़ाए जाने से लोगों में नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि जब वर्तमान पुल उपयोग में है और आसपास नई कनेक्टिविटी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं, तो पुराने पुल के पुनर्निर्माण की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि बेलनी पुल के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू करने से पहले स्थानीय लोगों की आपत्तियों और रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव का गंभीरता से आकलन किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा जरूरत पड़ने पर जिलाधिकारी कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान सभासद सुरेंद्र रावत, श्रीराज बिष्ट, भजन सिंह, मोहन सिंह, दलबीर सिंह, बीरेंद्र सिंह रावत और राकेश राणा समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और व्यापारी मौजूद रहे।