Jun 25, 2026

मानवता की मिसाल: सूचना विभाग की टीम की तत्परता से बची सड़क हादसे में घायल युवक की जान,

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दुर्घटना स्थल पर दिखाई संवेदनशीलता, तत्काल राहत पहुंचाकर अस्पताल भेजा,

रुद्रप्रयाग। बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार को एक सड़क दुर्घटना के बाद सूचना विभाग की टीम ने जिस मानवीय संवेदनशीलता, तत्परता और जिम्मेदारी का परिचय दिया, उसने एक गंभीर रूप से घायल युवक को समय रहते उपचार उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई। संकट की घड़ी में विभागीय अधिकारियों की सक्रियता ने न केवल एक जीवन बचाने का कार्य किया, बल्कि समाज के सामने सेवा और मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत किया।

 

जानकारी के अनुसार शिवनंदी क्षेत्र के समीप दो बाइक सवार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने डिवाइडर से जा टकराए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक चालक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा, जबकि उसके साथ सवार युवक को भी चोटें आईं। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

 

इसी दौरान विभागीय कार्य संपन्न कर रुद्रप्रयाग लौट रहे अपर जिला सूचना अधिकारी के.एल. टम्टा, फोटोग्राफर भुवनेश्वर नेगी एवं वाहन चालक संजय सिंह की नजर घायल युवकों पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उन्होंने बिना एक पल गंवाए अपना वाहन रोका और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए।

 

अपर जिला सूचना अधिकारी के.एल. टम्टा ने तुरंत पुलिस, जिला आपदा नियंत्रण कक्ष तथा 108 एंबुलेंस सेवा को दुर्घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही सभी संबंधित एजेंसियां सक्रिय हो गईं और कुछ ही समय में 108 एंबुलेंस तथा पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई।

 

108 एंबुलेंस कर्मियों ने घायल युवक को प्राथमिक उपचार प्रदान किया तथा उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने से घायल को शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी, जो उसके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुई।

 

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने भी मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा। स्थानीय लोगों ने सूचना विभाग की टीम द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि यदि समय पर मदद नहीं मिलती तो घायल की स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

 

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि आपदा या दुर्घटना की स्थिति में समय पर लिया गया निर्णय और मानवीय संवेदनाएं किसी भी व्यक्ति के जीवन को बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। सूचना विभाग की टीम की यह पहल समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।