Jun 19, 2026

रंगेश्वर महादेव मंदिर में निकली 101 कलशों की भव्य जल कलश यात्रा, हजारों श्रद्धालु बने साक्षी,

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रिपोर्ट : लक्ष्मण सिंह नेगी 

ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग। क्यूंजा घाटी स्थित रंगेश्वर महादेव मंदिर कण्डारा में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव के सातवें दिन भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर 101 श्रद्धालुओं द्वारा सिर पर कलश धारण कर भव्य एवं दिव्य जल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित किया। भगवान श्रीराम एवं मां गंगा के जयघोषों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठा।

प्रातःकाल वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजा-अर्चना के साथ जल कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित श्रद्धालुओं ने प्राकृतिक जल स्रोत से यात्रा प्रारंभ की, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए रंगेश्वर महादेव मंदिर परिसर पहुंची। मंदिर में विधि-विधान के साथ कलशों की स्थापना की गई। यात्रा मार्ग में स्थानीय श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर जल कलश यात्रा का भव्य स्वागत किया।

श्रीराम कथा का वाचन कर रही कथावाचक राधिका जोशी ‘केदारखण्डी’ ने जल कलश एवं मां गंगा की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में जल को जीवन, पवित्रता और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। उन्होंने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, संस्कृति और सभ्यता की जीवनधारा है। जल कलश यात्रा व्यक्ति के भीतर शुद्धता, सेवा और समर्पण की भावना का संचार करती है।

कथावाचक ने श्रीराम कथा के विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, त्याग, सत्य और लोककल्याण का सर्वोत्तम उदाहरण है। उन्होंने श्रद्धालुओं से राम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन में भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए।

कार्यक्रम संयोजक हरिशंकर गोस्वामी ने बताया कि कथा आयोजन का उद्देश्य समाज में धार्मिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक और धार्मिक उत्साह का वातावरण बना हुआ है।

कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना एवं प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य अजयवीर भण्डारी, आचार्य देवी प्रसाद वशिष्ठ, दिनेश थपलियाल, नवीन जोशी, ऋषिराज गोस्वामी, विवेक गोस्वामी, विलोचन रावत, प्रधान अंजू भण्डारी, महिला मंगल दल अध्यक्ष संतोषी देवी, दिवाकर भट्ट, कालिका भट्ट, मनोज नेगी, हर्षवर्धन गैरोला सहित हजारों रामभक्त उपस्थित रहे।