रुद्रप्रयाग। भारतीय रेडक्रास सोसाइटी उत्तराखंड राज्य शाखा से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में मुलाकात कर राज्य शाखा में चल रहे विवाद और प्रशासनिक हस्तक्षेप से उत्पन्न परिस्थितियों से अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि रेडक्रास एक स्वायत्त संस्था है, जिसका संचालन अधिनियम और नियमावली के अनुसार होना चाहिए। अनावश्यक प्रशासनिक हस्तक्षेप से संस्था की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।
रुद्रप्रयाग के निर्वाचित राज्य प्रतिनिधि अजय सेमवाल ने जानकारी दी कि अल्मोड़ा, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी सहित कई जिलों की शाखाओं के चेयरमैन और पदाधिकारियों ने राज्यपाल और राज्य शाखा को जिलाधिकारियों के माध्यम से पत्र भेजे हैं। इन पत्रों में रेडक्रास जैसी मानवीय संस्था में प्रशासनिक हस्तक्षेप पर आपत्ति जताई गई है।
वाइस चेयरमैन मनोज सनवाल ने बताया कि हाल ही में सचिव स्वास्थ्य द्वारा सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी बालमायंक मिश्रा और एक आयुर्वेदिक कॉलेज के प्रोफेसर के समर्थन में जारी पत्र को लेकर भी पदाधिकारियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि इससे एक पक्ष को संरक्षण मिलने का संदेश जा रहा है, जबकि मामले का समाधान निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए।
जिला शाखाओं ने चेतावनी दी है कि यदि 8 मई तक समाधान नहीं हुआ तो वे संयुक्त रूप से “रेडक्रास बचाओ अभियान” शुरू करेंगी।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से रेडक्रास की स्वायत्तता और गरिमा बनाए रखते हुए शीघ्र समाधान की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासनिक हस्तक्षेप पर आश्चर्य जताते हुए सूचना महानिदेशक वंशीधर तिवारी को मामले के निस्तारण के निर्देश दिए।
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