govt-ads

बीकेटीसी के अस्थाई कर्मचारियों के विनियमितीकरण की मांग तेज, ब्लॉक प्रमुख ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

Blog
 Image

10 से 15 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम कर रहे कर्मचारी, वन टाइम सेटलमेंट के तहत नियमितीकरण की मांग,

 

रुद्रप्रयाग। बीकेटीसी के अंतर्गत कार्यरत अस्थाई कर्मचारियों के विनियमितीकरण की मांग तेज हो गई है। ऊखीमठ के ब्लॉक प्रमुख पंकज कुमार शुक्ला ने कर्मचारियों की मांग का समर्थन करते हुए तहसीलदार ऊखीमठ, वर्तमान कैंप श्री केदारनाथ धाम के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा है। उन्होंने सरकार से पूर्व में घोषित वन टाइम सेटलमेंट के तहत अस्थाई कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की है।

 

ज्ञापन में कहा गया है कि बीकेटीसी के अस्थाई कर्मचारी 13 अक्टूबर 2026 से श्री केदारनाथ धाम सहित समिति के अधीनस्थ मंदिरों में विनियमितीकरण की मांग को लेकर क्रमिक धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारी कई वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें नियमितीकरण का लाभ नहीं मिल पाया है। स्थिति यह है कि कई कर्मचारी अस्थाई कर्मचारी के रूप में ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि कुछ सेवानिवृत्ति की कगार पर हैं।

 

ब्लॉक प्रमुख पंकज कुमार शुक्ला ने कहा कि मंदिर समिति के ये कर्मचारी केदारनाथ, बदरीनाथ, मद्महेश्वर और तुंगनाथ सहित अन्य अधीनस्थ मंदिरों में विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें महज 10 से 15 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम करना पड़ रहा है। इतनी कम आय में परिवार का भरण-पोषण करना कठिन है। वर्षों तक सेवाएं देने के बाद भी कर्मचारियों का अस्थाई बने रहना चिंता का विषय है।

 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से पूर्व में अस्थाई कर्मचारियों के विनियमितीकरण के लिए वन टाइम सेटलमेंट की घोषणा की गई थी। ऐसे में सरकार को इस घोषणा पर शीघ्र अमल करते हुए कर्मचारियों को इसका लाभ देना चाहिए। इससे कर्मचारियों को सम्मानजनक वेतन और रोजगार संबंधी सुरक्षा मिल सकेगी।

 

ब्लॉक प्रमुख ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर जल्द निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को राहत मिलने से उनके परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा और धामों में व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन में भी मदद मिलेगी।