govt-ads

रुद्रप्रयाग न्यू बस अड्डे पर पालिका की छापेमारी, दो कारोबारियों पर जुर्माना,

Blog
 Image

बीमार पशुओं के मांस की बिक्री के आरोपों से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आया पालिका प्रशासन, सफाई कराकर कराया कीटनाशक का छिड़काव,

रुद्रप्रयाग। शहर के न्यू बस अड्डे स्थित मांस की दुकानों और बूचड़खानों में बीमार भेड़, बकरों और मुर्गों का मांस बेचे जाने के आरोपों से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नगर पालिका प्रशासन हरकत में आ गया है। मामले का संज्ञान लेते हुए नगर पालिका परिषद की टीम ने संबंधित क्षेत्र में पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दो कारोबारियों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की गई। साथ ही क्षेत्र में सफाई कराकर कीटनाशक दवा का छिड़काव भी कराया गया।

 

न्यू बस अड्डे क्षेत्र में मांस की बिक्री और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सामने आए इस मामले ने खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित होने के बाद उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड के सदस्य रोहित डिमरी ने भी बीमार पशुओं के मांस की बिक्री को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद नगर पालिका प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेकर संबंधित क्षेत्र की व्यवस्थाओं की पड़ताल की।

 

नगर पालिका की टीम ने मौके पर पहुंचकर साफ-सफाई और पशु अवशेषों के निस्तारण की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दो कारोबारियों पर अर्थदंड लगाया गया। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में सफाई अभियान चलाकर गंदगी हटाई गई और संक्रमण की आशंका को ध्यान में रखते हुए कीटनाशक दवा का छिड़काव कराया गया।

 

नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी हरेन्द्र चौहान ने बताया कि संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने और ऐसी गतिविधियां दोबारा सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

बीमार पशुओं के मांस की बिक्री से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच महत्वपूर्ण है। केवल सफाई और जुर्माने की कार्रवाई से ही पूरे मामले की तस्वीर साफ नहीं होगी, बल्कि मांस की गुणवत्ता, पशुओं के स्वास्थ्य और निर्धारित मानकों के अनुपालन की भी जांच जरूरी है। आमजन के स्वास्थ्य से जुड़े इस संवेदनशील मामले में प्रशासन की नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई ही व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित कर

सकती है।