पुण्यतिथि पर याद किए गए उत्तराखंड क्रांति दल के थिंक टैंक विपिन चंद्र त्रिपाठी

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कार्यकर्ताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि, उत्तराखंड राज्य आंदोलन और जनहित के संघर्ष में योगदान को किया याद,

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड क्रांति दल के थिंक टैंक कहे जाने वाले पूर्व विधायक स्वर्गीय विपिन चंद्र त्रिपाठी की 22वीं पुण्यतिथि पर दल के कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वक्ताओं ने उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन, गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग तथा पर्वतीय क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं के लिए उनके संघर्ष और योगदान को स्मरण किया।

 

उत्तराखंड क्रांति दल के जिला कार्यालय वेलणी में जिलाध्यक्ष बलबीर चौधरी की अध्यक्षता में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सभा में वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय विपिन चंद्र त्रिपाठी का पूरा जीवन जनता के हितों और पर्वतीय समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए बीता। उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 की इमरजेंसी से लेकर पृथक उत्तराखंड राज्य आंदोलन तक त्रिपाठी ने संघर्ष का रास्ता अपनाया और जेल की यातनाएं भी झेलीं।

 

वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ की समस्याओं और उसके विकास को लेकर स्वर्गीय त्रिपाठी की स्पष्ट सोच थी। गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग के साथ ही उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उत्तराखंड की पहली निर्वाचित विधानसभा में उनके द्वारा उठाए गए जनसरोकारों से जुड़े मुद्दे आज भी प्रासंगिक हैं और उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।

 

सभा में वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय विपिन चंद्र त्रिपाठी ने राजनीति को जनसेवा का माध्यम माना और जीवनभर आम जनता की आवाज को मजबूती से उठाया। उनके विचार और संघर्ष आज भी उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

 

इस अवसर पर केंद्रीय महामंत्री देवेंद्र चमोली, केंद्रीय संगठन मंत्री कैप्टन वीरेंद्र सिंह, सैनिक प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष भरत सिंह राणा, विक्रम सिंह फर्स्वाण, जिला महामंत्री शैलेंद्र बुटोला, युवा जिलाध्यक्ष रवि राणा, दिनेश बर्तवाल, पंकज नेगी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।