गंभीर स्वास्थ्य स्थिति पर जिला प्रशासन ने दिखाई तत्परता, चिकित्सकीय परामर्श के बाद उच्चस्तरीय उपचार की कराई व्यवस्था,
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम की यात्रा पर आए दो यात्रियों की अचानक स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने से हड़कंप मच गया। केदारनाथ स्थित स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय में उपचाराधीन दोनों यात्रियों की हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की सलाह दी। चिकित्सकीय परामर्श मिलते ही जिला प्रशासन ने बिना देर किए दोनों यात्रियों को हेली एंबुलेंस के माध्यम से एम्स ऋषिकेश भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित की।
जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग के निर्देश पर जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन रजवार ने संबंधित अधिकारियों, चिकित्सा दल और अन्य आवश्यक तंत्र से तत्काल समन्वय स्थापित किया। इसके बाद जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर दोनों यात्रियों को हेली एंबुलेंस के जरिए केदारनाथ से एम्स ऋषिकेश भेजा गया। प्रशासन की तत्परता से गंभीर स्वास्थ्य स्थिति वाले दोनों यात्रियों को समय रहते उच्च चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
एम्स ऋषिकेश में दोनों यात्रियों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में आवश्यक उपचार एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रशासन के अनुसार यात्रियों की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए सामान्य उपचार के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता महसूस हुई, जिसके बाद उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया।
हेली एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश भेजे गए यात्रियों में 65 वर्षीय मोहन भंडारी निवासी कर्नाटक तथा चेतराम निवासी वार्ड संख्या-07, छानी कटारई, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश शामिल हैं। दोनों यात्री केदारनाथ धाम स्थित स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय में भर्ती थे।
केदारनाथ जैसी दुर्गम ऊंचाई वाले क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति से निपटना प्रशासन और चिकित्सा तंत्र के लिए चुनौतीपूर्ण रहता है। ऐसे में गंभीर मरीजों को कम से कम समय में उच्च चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। इस मामले में चिकित्सकीय सलाह के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हेली एंबुलेंस की सुविधा का इस्तेमाल किया।
जिला प्रशासन ने कहा कि केदारनाथ यात्रा के दौरान यात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। गंभीर रूप से बीमार अथवा घायल यात्रियों को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाने के लिए चिकित्सा दल, आपदा प्रबंधन तंत्र और संबंधित विभागों के बीच लगातार समन्वय बनाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्वास्थ्य स्थिति में त्वरित राहत और उपचार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को सक्रिय रखा गया है।

