मद्महेश्वर व तुंगनाथ घाटियों का भ्रमण कर भूवैकुण्ठ बद्रीनाथ धाम, पहुंचेगी भगवती, कालीमठ घाटी में उमड़ने लगा आस्था का सैलाब,
रुद्रप्रयाग। ऊखीमठ की कालीमठ घाटी के शीर्ष पर विराजमान भगवती चामुण्डा की तृतीय चरण की दिवारा यात्रा एक सितंबर से शुरू होगी। यात्रा को लेकर कालीमठ घाटी सहित मद्महेश्वर और तुंगनाथ घाटियों में तैयारियां तेज हो गई हैं। दूर-दराज के गांवों और प्रवासी क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के कालीमठ पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। यात्रा के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चारण से पूरा क्षेत्र भक्तिमय रहेगा।
दिवारा यात्रा समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह सत्कारी ने बताया कि तृतीय चरण में भगवती चामुण्डा मद्महेश्वर और तुंगनाथ घाटियों के विभिन्न तीर्थस्थलों एवं गांवों का भ्रमण करेंगी। विभिन्न पड़ावों पर ग्रामीण पारंपरिक रीति-रिवाजों और विधि-विधान के साथ भगवती का स्वागत करेंगे। इस दौरान क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की जाएगी। मान्यता के अनुसार, भगवती गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों की कुशलक्षेम पूछेंगी और उन्हें आशीर्वाद प्रदान करेंगी।
समिति के संरक्षक कृपाल सिंह राणा ने बताया कि तृतीय चरण की दिवारा यात्रा का विशेष आकर्षण भगवती चामुण्डा का मद्महेश्वर और तुंगनाथ घाटियों का भ्रमण करने के बाद भूवैकुण्ठ मोक्षधाम बद्रीनाथ पहुंचना रहेगा। बद्रीनाथ धाम में भगवान बद्री विशाल के दर्शन एवं विशेष पूजा-अर्चना के बाद यात्रा का धार्मिक महत्व और बढ़ जाएगा। इसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।
समिति के सलाहकार त्रिलोक सिंह रावत ने कहा कि दिवारा यात्रा महज धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक परंपराओं, लोक संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक भी है। भगवती के गांव-गांव पहुंचने पर ग्रामीण पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ उनका स्वागत करते हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा में शामिल होकर भगवती के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। समिति के उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह तिंदोरी ने बताया कि यात्रा को लेकर कालीमठ के साथ ही मद्महेश्वर और तुंगनाथ घाटियों में भी उत्साह है। यात्रा मार्ग के गांवों में स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ग्रामीण घरों और मंदिर परिसरों की साफ-सफाई के साथ विभिन्न स्थानों पर स्वागत कार्यक्रमों की तैयारियों में जुटे हैं।
समिति के सचिव कीरत राणा ने बताया कि दिवारा यात्रा को लेकर स्थानीय लोगों के साथ ही प्रवासी ग्रामीणों में भी खासा उत्साह है। यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। कोषाध्यक्ष योगंबर सिंह रावत ने कहा कि भगवती चामुण्डा की दिवारा यात्रा क्षेत्र के लिए सौभाग्य का अवसर है और यात्रा को सफल बनाने के लिए सभी लोग मिल-जुलकर तैयारियों में जुटे हैं।
समिति के सह सचिव राजेंद्र सिंह राणा और रामचंद्र राणा ने बताया कि यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मद्महेश्वर, तुंगनाथ और बद्रीनाथ धाम तक भगवती के पहुंचने को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्सुकता है। एक सितंबर से शुरू होने वाली यह धार्मिक यात्रा कालीमठ घाटी सहित समूचे क्षेत्र में आस्था और भक्ति का नया रंग बिखेरेगी।

