दुर्गम एवं हिमपात प्रभावित क्षेत्रों में जनगणना के दूसरे चरण का आगाज,

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केदारनाथ धाम में नगर पंचायत केदारनाथ के प्रगणक जुटे जनगणना कार्य में, जिला प्रशासन कर रहा नियमित मॉनिटरिंग,

रुद्रप्रयाग। जनगणना के दूसरे चरण के तहत जनपद रुद्रप्रयाग के दुर्गम एवं हिमपात प्रभावित क्षेत्रों में जनगणना कार्य शुरू हो गया है। जिलाधिकारी एवं जिला जनगणना अधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देश पर केदारनाथ धाम में नगर पंचायत केदारनाथ के प्रगणकों द्वारा जनगणना संबंधी कार्य किया जा रहा है। कार्य की प्रगति और अद्यतन स्थिति की नियमित निगरानी उपखंड जनगणना अधिकारियों के माध्यम से की जा रही है।

जनपद के दुर्गम एवं मौसम की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में जनगणना कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

जनगणना देश की महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं सांख्यिकीय प्रक्रिया है। इसके माध्यम से जनसंख्या से जुड़े प्रमाणिक आंकड़े प्राप्त होते हैं, जिनका उपयोग केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा विकास योजनाओं के निर्माण, जनकल्याणकारी नीतियों के निर्धारण, संसाधनों के बेहतर वितरण तथा प्रशासनिक निर्णयों में किया जाता है। इसके साथ ही जनगणना के आंकड़े भविष्य की आवश्यकताओं का आकलन करने में भी महत्वपूर्ण आधार प्रदान करते हैं।

 

रुद्रप्रयाग जनपद में जनगणना के प्रथम चरण हाउस लिस्टिंग का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। इस दौरान आवासीय एवं अन्य भवनों से संबंधित आवश्यक जानकारियां जुटाकर हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों का निर्माण किया गया। जनगणना कार्य को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की तैनाती भी की गई है। जनगणना का दूसरा चरण दो अलग-अलग समयावधियों में संचालित किया जा रहा है। दुर्गम एवं हिमपात प्रभावित क्षेत्रों में यह कार्य सितंबर 2026 में किया जा रहा है, जबकि जनपद के अन्य क्षेत्रों में दूसरे चरण का कार्य फरवरी 2027 में संचालित होगा।

 

केदारनाथ धाम जैसे दुर्गम एवं हिमपात प्रभावित क्षेत्र में निर्धारित समयावधि के भीतर जनगणना कार्य पूरा करना जिला प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। नगर पंचायत केदारनाथ के प्रगणक निर्धारित प्रपत्रों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार आंकड़ों का संकलन कर रहे हैं।

 

जिला प्रशासन ने जनगणना कार्य में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भारत सरकार एवं जनगणना से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आंकड़ों की शुद्धता, विश्वसनीयता और प्रमाणिकता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।

जिला प्रशासन के अनुसार जनगणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य में जनपद, प्रदेश और देश के विकास की योजनाओं एवं नीतियों के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण आधार साबित होंगे।